Tehran Airport पर इजरायल का भीषण हमला, दुबई-कतर समेत 3400 फ्लाइट्स कैंसिल, यात्रियों की बढ़ी मुश्किल
शनिवार, 7 मार्च 2026 की सुबह इजरायल ने तेहरान में अब तक के सबसे बड़े हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट को खास तौर पर निशाना बनाया गया, जहां से आग और काले धुएं के बड़े गुबार उठते देखे गए। इस बढ़ते संघर्ष के कारण पूरे मिडिल ईस्ट में हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और हजारों फ्लाइट्स कैंसिल हो गई हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले या यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी अहम है।
तेहरान एयरपोर्ट पर हमले की पूरी जानकारी
इजरायल ने अपने ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के तहत 80 से ज्यादा फाइटर जेट्स का इस्तेमाल करके तेहरान और इस्फ़हान में सरकारी ठिकानों पर बमबारी की है। चश्मदीदों और सोशल मीडिया पर आए वीडियो में मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारी आग जलती दिखी है। खबरों के मुताबिक रनवे पर खड़े विमानों में भी आग लग गई और कम से कम एक Iran Air Airbus A319 पूरी तरह नष्ट हो गया है।
इजरायली सेना (IDF) ने साफ किया है कि उन्होंने ईरानी रिजीम के कमांड सेंटर्स, बैलिस्टिक मिसाइल स्टोरेज और इमाम हुसैन मिलिट्री यूनिवर्सिटी को निशाना बनाया है। इजरायल का कहना है कि यह हमला 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष का जवाब है।
फ्लाइट्स कैंसिल होने से यात्रियों पर क्या असर पड़ा?
इस लड़ाई की वजह से पिछले 72 घंटों में पूरे मिडिल ईस्ट में 3,400 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं। ईरान, इराक, UAE और कतर के ऊपर ‘नो-फ्लाई जोन’ घोषित किया गया है, जिसका मतलब है कि वहां से विमान नहीं गुजर सकते। यह उन भारतीयों के लिए चिंता की बात है जो इन रास्तों से सफर करते हैं।
दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) पर भी इसका गहरा असर पड़ा है, हालांकि वहां 7 मार्च को आंशिक रूप से कामकाज फिर से शुरू हुआ है। दुबई और दोहा जैसे बड़े ट्रांजिट हब पर हजारों यात्री फंसे हुए हैं और अपनी फ्लाइट्स का इंतजार कर रहे हैं। नीचे दिए गए टेबल में देखिए अभी के ताज़ा हालात:
| विवरण | स्थिति/आंकड़ा |
|---|---|
| कुल फ्लाइट्स कैंसिल | 3,400 से ज्यादा |
| नो-फ्लाई जोन वाले देश | ईरान, इराक, UAE, कतर |
| तेल की कीमतें | ग्लोबल मार्किट में भारी उछाल |
| ईरान में हताहत | 1,230+ लोग (सरकारी आंकड़ा) |
| अमेरिकी सैनिक हताहत | 6 जवान |
अमेरिका और ईरान के नेताओं ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर साफ शब्दों में कहा है कि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं होगा, उन्हें बिना शर्त सरेंडर (Unconditional Surrender) करना होगा। अमेरिका ने इस हमले में इजरायल का साथ दिया है और इसे ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का नाम भी दिया जा रहा है।
दूसरी ओर, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने टीवी पर आकर खाड़ी देशों से माफी मांगी है क्योंकि उनकी मिसाइलें गलती से पड़ोसी देशों में गिर गई थीं। हालांकि, उन्होंने अमेरिका के सरेंडर की मांग को पूरी तरह ठुकरा दिया है। तेल की कीमतें भी आसमान छू रही हैं क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने का खतरा बढ़ गया है।




