Qatar में Iran Ambassador को निकालने की खबर निकली Fake, दूतावास ने बताया पूरा सच
कतर और ईरान के बीच चल रहे तनावपूर्ण माहौल के दौरान एक खबर बहुत तेजी से सोशल मीडिया और न्यूज़ में फैली थी। कहा जा रहा था कि कतर सरकार ने ईरानी राजनयिकों (Diplomats) को देश छोड़ने का आदेश दिया है और उन्हें एक हफ्ते का समय दिया गया है। हालांकि, अब कतर और ईरान दोनों के अधिकारियों ने इसे पूरी तरह गलत बताया है। यह खबर वहां रह रहे प्रवासियों के बीच भ्रम पैदा कर रही थी, जिस पर अब आधिकारिक सफाई आ गई है।
एंबेसडर को निकालने की खबर ‘पूरी तरह फेक’
ईरान के एंबेसडर Ali Salehabadi ने साफ शब्दों में कहा है कि कतर से उनके मिशन को निकालने की रिपोर्ट्स “totally fake” (पूरी तरह नकली) हैं। यह अफवाह तब उड़ी जब ‘Iran International’ ने दावा किया कि दोहा में ईरानी दूतावास से जुड़े लोगों को सरकार के आदेश पर होटलों में रुकने नहीं दिया जा रहा।
कतर के विदेश मंत्रालय (MoFA) के प्रवक्ता Ibrahim Al Hashmi ने भी इन खबरों का खंडन किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतर ने किसी भी राजनयिक को जाने के लिए नहीं कहा है और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक रास्ते खुले रखे गए हैं।
फ्लाइट्स और सुरक्षा को लेकर ताजा जानकारी
कतर में सुरक्षा स्थिति को लेकर भी नए अपडेट जारी किए गए हैं। शनिवार, 7 मार्च को कतर के सशस्त्र बलों ने देश पर हुए मिसाइल हमलों को रोक दिया था। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं लेकिन स्थिति नियंत्रण में है।
- Airspace: कतर का एयरस्पेस शनिवार (7 मार्च) को कुछ हद तक खोल दिया गया था।
- Qatar Airways: रविवार (8 मार्च) को सीमित उड़ानों को दोहा आने की अनुमति दी गई है, लेकिन यह केवल उन यात्रियों के लिए है जिनका अंतिम गंतव्य कतर है।
- Exam Postponed: सुरक्षा को देखते हुए Community College of Qatar (CCQ) ने स्प्रिंग 2026 सेमेस्टर की परीक्षाएं टाल दी हैं।
- Safety: मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि अगर धमाकों की आवाज सुनाई दे तो खिड़कियों और दरवाजों से दूर सुरक्षित स्थान पर रहें।
ईरान के राष्ट्रपति का बयान और नुकसान
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने टीवी पर संबोधन में कहा कि ईरान अब पड़ोसी देशों पर और हमले नहीं करेगा, जब तक कि उन देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए न हो। उन्होंने पिछले दिनों हुए हमलों के लिए खेद भी जताया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस संघर्ष में एक अमेरिकी रडार सिस्टम को नुकसान पहुंचा है जिसकी कीमत करीब 1.1 बिलियन डॉलर बताई जा रही है।




