Middle East News: ईरान ने तबाह किए अमेरिका के महंगे रडार सिस्टम, कतर और जॉर्डन में हुआ बड़ा नुकसान
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच एक बेहद गंभीर खबर सामने आई है। हाल ही में आई रिपोर्ट्स और सैटेलाइट तस्वीरों से पुष्टि हुई है कि ईरान ने जॉर्डन, कतर और सऊदी अरब जैसे देशों में तैनात अमेरिका के रडार सिस्टम को निशाना बनाया है। 6 और 7 मार्च 2026 की रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में अमेरिका के करोड़ों डॉलर के THAAD सिस्टम और अन्य डिफेंस उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा है। यह घटना ‘Operation Epic Fury’ के दौरान घटी है, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है।
किन जगहों पर और किस सिस्टम को बनाया गया निशाना?
ताज़ा जानकारी के अनुसार, ईरान ने कई प्रमुख एयरबेस और डिफेंस ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। इन हमलों में अमेरिका के AN/TPY-2 और AN/FPS-132 रडार सिस्टम को नुकसान हुआ है। नीचे उन जगहों की जानकारी दी गई है जहां यह हमले हुए हैं:
- Jordan (Muwaffaq Salti Airbase): यहां THAAD रडार यूनिट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। सैटेलाइट तस्वीरों में वहां बड़े गड्ढे और मलबा देखा गया है।
- Qatar (Al Udeid Air Base): कतर में स्थित AN/FPS-132 अर्ली वार्निंग रडार को निशाना बनाया गया है, जो लंबी दूरी की निगरानी के लिए अहम था।
- UAE (Al-Ruwais & Al-Sadder): यहां THAAD सिस्टम की सपोर्ट इमारतों पर हमला हुआ है।
- Saudi Arabia (Prince Sultan Airbase): यहां भी THAAD रडार साइट पर स्ट्राइक की खबर मिली है।
- Bahrain: यहां अमेरिकी नेवी के सैटेलाइट कम्युनिकेशंस टर्मिनल्स को नष्ट कर दिया गया है।
कितना हुआ नुकसान और क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक रडार के नष्ट होने से पूरा THAAD सिस्टम बंद तो नहीं होता, लेकिन उसकी क्षमता और लचीलेपन (flexibility) पर गहरा असर पड़ता है। अमेरिका के रडार सिस्टम की कीमत बहुत ज्यादा है, जिससे आर्थिक नुकसान भी बहुत बड़ा है।
- AN/TPY-2 Radar: इसकी एक यूनिट की कीमत करीब $300 मिलियन है।
- AN/FPS-132 Radar: इसकी वैल्यू लगभग $1.1 बिलियन बताई जाती है।
- कुल नुकसान: 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष में अब तक अमेरिका के करीब $2 बिलियन के उपकरणों का नुकसान हो चुका है।
मौजूदा हालात और शांति की कोशिशें
इस तनाव के बीच कतर और मिस्र के विदेश मंत्री लगातार शांति और डी-एस्केलेशन (de-escalation) की कोशिशों में लगे हुए हैं, ताकि आम लोगों और प्रवासियों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने पड़ोसी देशों में हुए हमलों के लिए माफी मांगी है, लेकिन इसे अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है। गल्फ में रहने वाले भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय खबरों और एंबेसी के निर्देशों पर नज़र बनाए रखें।




