Iran President ने गल्फ देशों से मांगी माफ़ी, अपनी ही सेना और कमांडर हुए नाराज
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने एक टीवी संबोधन के दौरान सऊदी अरब, UAE और अन्य गल्फ देशों से आधिकारिक तौर पर माफ़ी मांगी है। राष्ट्रपति ने कहा कि हाल ही में हुए मिसाइल और ड्रोन हमले एक ‘गलतफहमी’ और कमांड में कमी का नतीजा थे। हालांकि, राष्ट्रपति के इस कदम ने देश के भीतर ही एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। ईरान की शक्तिशाली सेना IRGC के बड़े कमांडर और कट्टरपंथी नेता इस माफ़ीनामे से बेहद नाराज हैं और इसे देश की कमजोरी बता रहे हैं।
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माफ़ी मांगने पर क्यों भड़के कमांडर्स?
ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के निधन के बाद से तेहरान में सत्ता को लेकर खींचतान चल रही है। राष्ट्रपति Pezeshkian ने सफाई दी कि सुप्रीम लीडर के जाने के बाद मची अफरा-तफरी में कुछ आदेश गलत समझे गए, जिससे पड़ोसी देशों पर हमले हो गए। उन्होंने साफ कहा कि उनका इरादा किसी देश पर हमला करने का नहीं है।
इस बयान पर ईरान के कट्टरपंथी सांसद और धर्मगुरु Hamid Rasai ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति के इस कदम को ‘गैर-पेशेवर, कमजोर और अस्वीकार्य’ बताया है। IRGC के कमांडरों को लगता है कि ऐसे माफ़ी मांगने से दुश्मन देशों के सामने ईरान का पक्ष कमजोर होगा। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इसे ईरान का ‘सरेंडर’ बताया है।
सऊदी अरब और गल्फ देशों पर क्या है अभी स्थिति?
भले ही राष्ट्रपति ने हमलों को रोकने का आदेश दिया हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। माफ़ी मांगने के कुछ ही घंटों बाद भी सऊदी अरब और UAE की तरफ हमले जारी रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- सऊदी अरब: अल-खर्ज (Al-Kharj) के पास दो बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया गया।
- UAE: अल-धफरा एयर बेस (Al Dhafra Air Base) को निशाना बनाकर ड्रोन हमले की कोशिश की गई।
- मार्केट पर असर: इस अनिश्चितता के कारण तेल की कीमतें (Oil Prices) 2023 के बाद अपने सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
फिलहाल ईरान की अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने फैसला लिया है कि जब तक सामने से हमला नहीं होगा, वे पड़ोसी देशों पर वार नहीं करेंगे। लेकिन सेना के बागी तेवर देखकर लगता है कि अभी शांति मुश्किल है। 8 मार्च को नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति के बाद ही स्थिति साफ होने की उम्मीद है।





