इजराइल का ईरान पर भीषण हमला, रिवोल्यूशनरी गार्ड का हेडक्वार्टर और 50 बंकर किए तबाह
इजराइल ने 8 मार्च 2026 को ईरान के भीतर अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक को अंजाम दिया है। इजराइली सेना (IDF) ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उन्होंने तेहरान में स्थित रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के एयरोस्पेस फोर्स हेडक्वार्टर और बासीज बेस को सीधा निशाना बनाया। इन हमलों का मकसद ईरान की सैन्य क्षमता और हथियारों के भंडारण को खत्म करना बताया गया है।
🗞️: Saudi Arabia-Bahrain Border: किंग फहद कॉजवे पर सफर करने वालों के लिए अपडेट, ट्रैफिक को लेकर आई खबर।
किन ठिकानों पर गिरे बम?
सोशल मीडिया और आधिकारिक बयानों के मुताबिक, इजराइल ने ईरान के कई महत्वपूर्ण मिलिट्री ठिकानों को तबाह किया है। इसमें तेहरान स्थित IRGC ग्राउंड फोर्सेज का कॉम्प्लेक्स और इमाम हुसैन यूनिवर्सिटी शामिल हैं। इसके अलावा सुरक्षा बलों के एक बड़े गोला-बारूद डिपो को भी उड़ा दिया गया है।
- एयरोस्पेस हेडक्वार्टर: तेहरान में मुख्यालय और 50 से ज्यादा हथियार बंकर नष्ट।
- एयरक्राफ्ट का नुकसान: मेहराबाद एयरपोर्ट पर 16 एयरक्राफ्ट और इस्फ़हान में F-14 फाइटर जेट्स को निशाना बनाया गया।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: पश्चिमी और मध्य ईरान में 400 से ज्यादा मिलिट्री साइट्स पर हमले हुए।
खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों के लिए अपडेट
इस तनाव का असर यूएई (UAE), सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत जैसे देशों पर भी महसूस किया गया है। यूएई ने अपनी सुरक्षा प्रणाली का इस्तेमाल करते हुए 16 बैलिस्टिक मिसाइल और 113 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया। बहरीन में एक डिसालिनेशन प्लांट और कुवैत में एयरपोर्ट के पास कुछ नुकसान की खबरें हैं। सऊदी अरब ने भी चेतावनी जारी की है कि अगर उनके क्षेत्र पर हमला हुआ तो उसका जवाब दिया जाएगा।
आगे क्या होने वाला है?
अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह अभियान अभी जारी रह सकता है और इसे ‘Operation Roaring Lion’ का नाम दिया गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान ने खाड़ी देशों से माफी मांगते हुए कहा है कि उनका जवाब जारी रहेगा। फिलहाल दोनों तरफ से तनाव चरम पर है और सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।





