Türkiye ने ईरानी राजदूत को दूसरी बार किया तलब, मिसाइल गिरने के बाद बढ़ा तनाव
तुर्की और ईरान के बीच राजनयिक तनाव काफी बढ़ गया है। 9 मार्च 2026 को तुर्की ने अंकारा में ईरान के राजदूत को दूसरी बार मंत्रालय बुलाया। यह कदम तब उठाया गया जब ईरान की ओर से दागी गई एक और बैलिस्टिक मिसाइल तुर्की के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई। तुर्की ने इस मामले पर सख्त ऐतराज जताते हुए अपनी नाराजगी दर्ज कराई है और कहा है कि सीमा सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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मिसाइल गिरने की घटना और सुरक्षा स्थिति
मार्च के पहले हफ्ते में ही इस तरह की दो घटनाएं सामने आई हैं। पहली घटना 4 मार्च को हुई थी जब मिसाइल का मलबा हतय (Hatay) प्रांत में गिरा था। दूसरी घटना 9 मार्च को गाज़ियानटेप (Gaziantep) इलाके में हुई। अच्छी बात यह है कि इन दोनों घटनाओं में किसी की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ। तुर्की के डिफेंस सिस्टम और नाटो (NATO) की मदद से इन मिसाइलों को आबादी वाले इलाके में पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया।
- पहली घटना: 4 मार्च 2026 को हतय प्रांत में गिरा मिसाइल का मलबा।
- दूसरी घटना: 9 मार्च 2026 को गाज़ियानटेप के खाली खेतों में गिरे टुकड़े।
- सुरक्षा: NATO के एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल को बीच रास्ते में ही मार गिराया।
तुर्की सरकार का कड़ा रुख और आधिकारिक कार्रवाई
तुर्की के विदेश मंत्री हकान फिदान (Hakan Fidan) ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) को सख्त चेतावनी दी है। तुर्की के रक्षा मंत्रालय ने साफ कहा है कि वे अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए भी यह क्षेत्र सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील बना हुआ है क्योंकि हवाई मार्ग पर इस तरह की घटनाओं का असर पड़ सकता है।
| अधिकारी का नाम | पद | मुख्य संदेश |
|---|---|---|
| Hakan Fidan | विदेश मंत्री | यह घटनाएं बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं। |
| Mohammad Hassan | ईरानी राजदूत | आधिकारिक विरोध पत्र सौंपा गया। |
माना जा रहा है कि यह मिसाइलें किसी दूसरे लक्ष्य की ओर दागी गई थीं लेकिन रास्ता भटककर तुर्की की सीमा में आ गईं। हालांकि तुर्की ने ईरान को साफ तौर पर नसीहत दी है कि वह अपनी सीमाओं और पड़ोसियों का सम्मान करे ताकि क्षेत्र में किसी भी तरह की बड़ी गलतफहमी पैदा न हो।




