Kuwait Border पर ईरानी हमले के बाद सऊदी अरब का बड़ा बयान, गृह मंत्री ने फोन कर जताया दुख
सऊदी अरब के गृह मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सऊद बिन नायेफ ने कुवैत के गृह मंत्री शेख फहद यूसुफ सऊद अल-सबा से फोन पर बात की है। यह बातचीत 8 मार्च 2026 को हुई, जब कुवैत की सीमाओं पर हुए हमलों की खबरें सामने आईं। सऊदी मंत्री ने इस मुश्किल वक्त में कुवैत के साथ पूरी एकजुटता दिखाई है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि कुवैत की सुरक्षा सऊदी अरब की सुरक्षा से अलग नहीं है और किंगडम हर खतरे से निपटने में कुवैत के साथ खड़ा है।
कुवैत बॉर्डर पर क्या हुआ और किनकी गई जान?
कुवैत के गृह मंत्रालय ने जानकारी दी है कि लैंड बॉर्डर सुरक्षा में तैनात उनके दो अधिकारी अपनी ड्यूटी निभाते हुए शहीद हो गए हैं। इनके नाम लेफ्टिनेंट कर्नल अब्दुल्ला एमाद अल-शराह और मेजर फहद अब्दुलअजीज अल-मुजम्मद हैं। अधिकारियों ने इसे ‘ईरानी आक्रामकता’ का हिस्सा बताया है जिसमें ड्रोन और मिसाइल का इस्तेमाल किया गया।
कुवैत की Air Force और एयर डिफेंस ने सुबह कई हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया था, लेकिन इस दौरान इन दो अधिकारियों की जान चली गई। यह हमला उस वक्त हुआ जब क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से तनाव का माहौल बना हुआ है।
हमले में कहां-कहां हुआ नुकसान और क्या है मौजूदा हालात?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुवैत में आम लोगों की जगहों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की कोशिश की गई। इसमें कुवैत इंटरनेशनल Airport के पास फ्यूल टैंक और सोशल सिक्योरिटी की मुख्य इमारत शामिल है। हालांकि, प्रशासन ने आग पर काबू पा लिया है और नुकसान को सीमित रखा है।
इस घटना के बाद पूरे कुवैत में सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट (High Alert) जारी कर दिया गया है। जीसीसी (GCC) ने भी इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। सऊदी और कुवैत के मंत्रालयों ने पुष्टि की है कि वे बॉर्डर सिक्योरिटी के लिए लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं।





