Kuwait में ड्रोन हमले के बाद सरकार की चेतावनी, भीड़ लगाई तो होगी 3 महीने की जेल और भारी जुर्माना
कुवैत में 8 मार्च, 2026 को हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। कुवैत फायर फोर्स (KFF) और गृह मंत्रालय ने सभी नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों को घटना वाली जगहों पर भीड़ न लगाने की सख्त हिदायत दी है। हमलों में दो पुलिस अधिकारियों के शहीद होने की पुष्टि हुई है, जबकि Public Institution for Social Security (PIFSS) और एयरपोर्ट के पास लगी आग पर काबू पा लिया गया है। सरकार ने साफ कहा है कि सुरक्षा नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भीड़ लगाने और फोटो लेने पर क्या है सजा?
कुवैत फायर फोर्स के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल अब्दुल्ला अल-हज्जी ने बताया कि हादसे वाली जगह पर लोगों का जमा होना एक गलत आदत है, जिससे राहत कार्यों में देरी होती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कोई इमरजेंसी गाड़ियों का रास्ता रोकता है या पुलिस के काम में बाधा डालता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
- कानून के मुताबिक, ऐसे लोगों को 3 महीने तक की जेल हो सकती है।
- इसके अलावा 150 से 300 कुवैती दिनार (करीब 40,000 से 80,000 रुपये) का जुर्माना भी लगाया जाएगा।
- मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या मलबे को न छुएं और केवल आधिकारिक खबरों पर भरोसा करें।
कहां हुआ हमला और क्या है ताजा हालात?
शनिवार रात और रविवार की सुबह कुवैत के अहम ठिकानों पर हवाई हमले किए गए थे। इसमें PIFSS की मुख्य इमारत और Kuwait International Airport के फ्यूल टैंक को निशाना बनाया गया। फायर फोर्स की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझा दी, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान Ministry of Interior के दो जांबाज अधिकारी शहीद हो गए। फिलहाल PIFSS का हेड ऑफिस बंद कर दिया गया है, लेकिन उनकी ऑनलाइन सेवाएं चालू हैं और बाकी शाखाएं 30% क्षमता के साथ काम कर रही हैं। एयरपोर्ट पर भी स्थिति नियंत्रण में है।




