Kuwait Drone Attack: कुवैत में 400 ड्रोन और मिसाइलों से हमला, प्रवासियों के वीज़ा पर सरकार का बड़ा फैसला
कुवैत नेशनल गार्ड (KNG) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अपने सुरक्षा क्षेत्र में एक ड्रोन को मार गिराया है। यह कार्रवाई रक्षा मंत्रालय के अहम ठिकानों को सुरक्षित करने के दौरान की गई। 7 से 8 मार्च के बीच कुवैत पर करीब 400 ड्रोन और 200 मिसाइलों से बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया गया है। हालात को देखते हुए कुवैत की सेना और सुरक्षा बल पूरी तरह से हाई अलर्ट पर हैं। इस दौरान आम लोगों और प्रवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई नए नियम और आदेश जारी किए हैं।
प्रवासियों के वीज़ा और उड़ानों पर नया फैसला
कुवैत के गृह मंत्रालय ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए प्रवासियों को बड़ी राहत दी है। जिन विदेशी नागरिकों का कुवैत में विजिट वीज़ा (visit visa) है, उनकी अवधि बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के एक महीने के लिए अपने आप बढ़ा दी गई है।
इसके अलावा जो कुवैत के निवासी (residents) फिलहाल देश से बाहर फंसे हैं, उनके लिए तीन महीने का एब्सेंस परमिट लागू कर दिया गया है। इससे भारत और अन्य देशों के प्रवासियों की नौकरी और वीज़ा सुरक्षित रहेंगे और उन्हें वापस कुवैत लौटने में परेशानी नहीं होगी।
उड़ानों को लेकर भी सख्त कदम उठाए गए हैं। कुवैत, बहरीन और कतर के एयरस्पेस को बंद या कुछ मिलिट्री रास्तों तक सीमित कर दिया गया है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक पर भी ड्रोन से हमला हुआ था, हालांकि कुवैत फायर फोर्स ने आग पर अब पूरी तरह से काबू पा लिया है।
देशभर में ड्रोन उड़ाने पर लगी रोक
सुरक्षा स्थिति को देखते हुए पूरे कुवैत में आम लोगों के ड्रोन उड़ाने और एरियल फोटोग्राफी करने पर पाबंदी लगा दी गई है। यह नियम पूरे देश में सख्ती से लागू है और इसे तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने आम जनता और प्रवासियों से अपील की है कि वे केवल कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) की आधिकारिक खबरों पर ही भरोसा करें। अफवाहों से दूर रहें और अपने घरों में सुरक्षित रहते हुए सिविल डिफेंस के निर्देशों का पालन करें।
इस हवाई हमले के दौरान ड्यूटी पर तैनात दो अधिकारियों की जान गई है। वहीं एक आवासीय इलाके में गिरे मलबे की चपेट में आने से 11 साल की एक बच्ची की भी मौत हुई है। हमले के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दामों और कार्गो इंश्योरेंस के खर्च में भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिली है।





