Strait of Hormuz में कमर्शियल जहाज पर ड्रोन हमला, कच्चे तेल के दाम पहुंचे 95 डॉलर के पार
Strait of Hormuz में 8 मार्च 2026 को एक बड़ा समुद्री हादसा हुआ है. UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने एक कमर्शियल जहाज पर ड्रोन हमले की पुष्टि की है. यह घटना सऊदी अरब के जुबैल से करीब 10 नॉटिकल मील उत्तर में हुई है. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. इस घटना के बाद से खाड़ी देशों में अलर्ट जारी कर दिया गया है.
हमले का कारण और जहाज की जानकारी
ईरान के IRGC ने बताया कि उन्होंने Prima नाम के कमर्शियल टैंकर को निशाना बनाया है. यह जहाज मार्शल आइलैंड्स के झंडे तले चल रहा था.
ईरान का कहना है कि उन्होंने Strait of Hormuz से गुजरने पर रोक लगा रखी है. इस जहाज ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया जिसके बाद ड्रोन से यह हमला किया गया.
हमले के बाद जहाज के ज्यादातर क्रू मेंबर्स को सुरक्षित निकाल लिया गया है. जहाज पर केवल कुछ ही लोग बचे हैं जो हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं. गल्फ में काम करने वाले भारतीयों और प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस रास्ते पर खतरा काफी बढ़ गया है.
तेल के दाम और समुद्री यातायात पर असर
इस घटना का सीधा असर दुनिया भर के तेल मार्केट पर पड़ा है. दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल सप्लाई में रुकावट आने से Brent Crude के दाम 92 से 95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं.
Strait of Hormuz से गुजरने वाले टैंकरों की संख्या में पिछले एक हफ्ते में 90 प्रतिशत की कमी आई है. Maersk और Hapag-Lloyd जैसी बड़ी शिपिंग कंपनियां अब अपने जहाजों को Cape of Good Hope वाले लंबे रास्तों से भेज रही हैं.
- खतरे का स्तर: UKMTO ने इस इलाके में समुद्री खतरे का स्तर CRITICAL बताया है.
- US MARAD की सलाह: सभी कमर्शियल जहाजों को इस इलाके और अमेरिकी नौसेना से कम से कम 30 नॉटिकल मील दूर रहने को कहा गया है.
- लगातार हमले: International Maritime Organization (IMO) के अनुसार 8 मार्च से पहले वाले हफ्ते में 9 से 10 कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाया गया है जिसमें Mussafah 2 नाम का जहाज डूब भी गया.





