US Iran War: अमेरिका ने ईरान पर किया बड़ा हमला, सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास खाली करने का आदेश
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक बड़े युद्ध में बदल गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कहा है कि अमेरिका ईरान की सैन्य ताकतों को पूरी तरह खत्म करने का काम कर रहा है। ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत अमेरिका और इजरायल ने ईरान के करीब 3,000 ठिकानों पर हमला किया है। इस बिगड़ते हालात का सीधा असर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है, जिससे सऊदी अरब और आसपास के देशों में काम करने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
सऊदी अरब और खाड़ी देशों में क्या है हालात?
इस संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में काफी तनाव बना हुआ है। सुरक्षा को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में अपने दूतावास, तुर्की और इराक के कुछ हिस्सों से गैर-जरूरी स्टाफ और उनके परिवारों को वापस लौटने का आदेश दिया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने भी जानकारी दी है कि उन्होंने अपनी सीमा में घुसने वाले 16 ईरानी ड्रोन्स को नष्ट किया है।
तनाव के कारण खाड़ी देशों में यात्रा करने वालों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य पिछले 8 दिनों से बंद है। इस वजह से दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम काफी बढ़ गए हैं और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर बुरा असर पड़ा है। अमेरिका ने अपने नागरिकों को मध्य पूर्व के देशों की यात्रा से बचने और जो लोग वहां हैं उन्हें सुरक्षित जगह पर रहने की सलाह दी है।
ईरान पर हमले में अब तक क्या हुआ?
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार, ईरानी नौसेना को काफी हद तक तबाह कर दिया गया है। अमेरिका ने ईरान के 75 प्रतिशत बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर को भी नष्ट कर दिया है। इस युद्ध से जुड़े कुछ प्रमुख अपडेट्स इस प्रकार हैं:
- ईरान के 3,000 से ज्यादा ठिकानों पर अमेरिका और इजरायल ने हमला किया है।
- सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई नए लीडर बने हैं।
- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान से बिना शर्त सरेंडर की मांग की है।
- इजरायल को मदद के लिए अमेरिका ने तुरंत 12,000 बम बेचने की मंजूरी दी है।
तनाव को देखते हुए गल्फ देशों की हवाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए यूक्रेन भी अपने ड्रोन एक्सपर्ट्स भेज रहा है। फिलहाल स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है और फ्लाइट्स के संचालन पर भी इसका असर दिख रहा है।





