UAE का बड़ा फैसला: ईरान पर हमले में शामिल नहीं होगा, UN में दिया कड़ा बयान
United Arab Emirates (UAE) ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में साफ कर दिया है कि वह ईरान पर किसी भी तरह के सैन्य हमले का हिस्सा नहीं बनेगा। UAE के प्रतिनिधि Mohamed Abushahab ने कहा कि युद्ध को रोकना और शांति बनाए रखना ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है। यह आधिकारिक बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। इस फैसले से गल्फ में रहने वाले प्रवासियों और वहां काम कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
UN में UAE ने क्या कहा?
UAE के प्रतिनिधि Mohamed Abushahab ने UN Security Council में अपना रुख एकदम स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका देश ईरान पर होने वाले किसी भी हमले में शामिल नहीं होगा।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रीजन में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तनाव कम करना बहुत जरूरी है। UAE ने सभी देशों से अपील की है कि वह ज्यादा से ज्यादा संयम बरतें ताकि युद्ध का असर और न फैले।
सरकार का मानना है कि विवादों का हल बातचीत से निकलना चाहिए। इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि UAE किसी भी युद्ध वाले गठबंधन से खुद को दूर रख रहा है।
आम लोगों और प्रवासियों को क्या फायदा होगा?
UAE का यह फैसला वहां रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसका सीधा असर आम आदमी की जिंदगी और उनके काम पर पड़ता है।
- अर्थव्यवस्था और व्यापार: युद्ध से दूर रहने से दुबई और अबू धाबी जैसे शहरों में व्यापार सामान्य रहेगा जिससे लोगों की नौकरियां सुरक्षित रहेंगी।
- फ्लाइट और सफर: एविएशन सेफ्टी बनी रहेगी जिससे Dubai Airport और अन्य एयरपोर्ट से भारत आने-जाने वाली फ्लाइट्स बिना किसी परेशानी के चलती रहेंगी।
- तेल के दाम: गल्फ में तनाव न बढ़ने से ग्लोबल मार्केट में पेट्रोल और गैस के दाम भी स्थिर रहेंगे।
‘Principles of the 50’ और UAE की नीति
UAE सरकार अपनी ‘Principles of the 50’ नीति पर काम कर रही है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य सैन्य विवादों से दूर रहकर अपनी अर्थव्यवस्था और तरक्की पर ध्यान देना है।
अंतरराष्ट्रीय कानूनों और UN Charter का पालन करते हुए UAE पूरे रीजन में एक मीडिएटर की भूमिका निभाना चाहता है। सरकार का पूरा फोकस इस बात पर है कि किसी भी तरह से रीजनल शांति भंग न हो।




