US-Iran War Cost: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध हुआ तेज, हर दिन खर्च हो रहे 2 बिलियन डॉलर, तेल के दाम 100 डॉलर के पार
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब एक बड़े वैश्विक आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा है। ताज़ा रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिकी पेंटागन इस युद्ध पर रोज़ाना करीब 2 बिलियन डॉलर खर्च कर रहा है। ईरान में नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के कार्यभार संभालने के बाद तनाव और अधिक बढ़ गया है। इस स्थिति का सीधा असर खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों और वैश्विक तेल बाज़ार पर साफ़ दिखाई दे रहा है।
युद्ध पर होने वाले खर्च और सैन्य नुकसान का पूरा ब्यौरा
विभिन्न रिपोर्टों और आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार युद्ध की लागत उम्मीद से कहीं अधिक है। अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने चिंता जताई है कि खर्च का यह स्तर लंबे समय तक वहन करना मुश्किल होगा।
| विवरण | अनुमानित लागत या आंकड़ा |
|---|---|
| दैनिक खर्च (पेंटागन रिपोर्ट) | 2 बिलियन डॉलर |
| एक टोमहॉक (Tomahawk) मिसाइल | 1.7 मिलियन डॉलर |
| कच्चा तेल (Crude Oil) | 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक |
| अमेरिकी सैनिकों की मृत्यु | 8 सैनिक |
| साप्ताहिक खर्च का अनुमान | 6 बिलियन डॉलर |
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (CSIS) के अनुसार केवल पहले चार दिनों में खर्च हुए हथियारों की भरपाई के लिए 3.1 बिलियन डॉलर की ज़रूरत होगी। अमेरिका ने पहले ही दिन 200 से अधिक मिसाइलें दागी थीं।
आम जनता और वैश्विक बाज़ार पर युद्ध का प्रभाव
- तेल की कीमतें: कच्चे तेल की कीमतें साल 2022 के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जिससे पेट्रोल और डीज़ल महंगा होने की आशंका है।
- शेयर बाज़ार में गिरावट: ग्लोबल स्टॉक मार्केट्स में भारी गिरावट आई है। अमेरिकी बाज़ार Dow Jones 632 अंक और S&P 500 में 88 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
- खाड़ी देशों पर असर: खाड़ी क्षेत्र में युद्ध बढ़ने से वहां रहने वाले प्रवासी भारतीयों के लिए यात्रा और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ सकती हैं।
- ईरान में नया नेतृत्व: ईरान में मुजतबा खामेनेई ने आधिकारिक तौर पर सुप्रीम लीडर की कमान संभाल ली है, जिससे भविष्य की रणनीतियों में बदलाव की संभावना है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल भंडार को नष्ट करने की राह पर है। वहीं पेंटागन अब युद्ध के खर्चों को कवर करने के लिए 50 बिलियन डॉलर के अतिरिक्त बजट की तैयारी कर रहा है।




