कतर में ईरान के हमलों के बाद हड़कंप, 70% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और स्कूलों पर नया आदेश जारी
खाड़ी क्षेत्र में ईरान के हमलों के बाद स्थिति काफी गंभीर हो गई है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन और एक खतरनाक उकसावा बताया है। इस तनाव का सीधा असर वहां रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों पर पड़ रहा है। सऊदी अरब के अल-खर्ज में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की जान जाने की खबर है। कतर सरकार ने अब सुरक्षा और पब्लिक सेफ्टी के लिए नए नियमों का ऐलान किया है।
कतर में काम करने वालों और छात्रों के लिए क्या बदले नियम?
कतर सरकार ने सुरक्षा को देखते हुए दफ्तरों और स्कूलों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। अब सरकारी दफ्तरों में केवल 30% कर्मचारी ही ऑफिस आएंगे, जबकि 70% को घर से काम यानी Work from Home करना होगा। सभी स्कूलों और यूनिवर्सिटी की पढ़ाई को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया गया है। इसके अलावा कतर के एयरस्पेस को भी कुछ समय के लिए बंद किया गया है ताकि हवाई यात्रा सुरक्षित रहे। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और वीडियो फैलाने वाले 313 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया है।
सऊदी और यूएई में हमलों की क्या है स्थिति?
सऊदी अरब के अल-खर्ज (Al-Kharj) में एक रिहायशी ठिकाने पर मिसाइल गिरी है। इस हादसे में एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हुई है और 12 अन्य लोग घायल हुए हैं। यूएई की एयर डिफेंस ने भी ईरान की तरफ से आई 17 बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया है। हमलों के चलते कतर की कुछ एनर्जी कंपनियों ने अपने शिपमेंट पर रोक लगा दी है। इस तनाव की वजह से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें 80 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गई हैं।
| विवरण | ताज़ा अपडेट (9 मार्च 2026) |
|---|---|
| मारे गए प्रवासी | 2 (1 भारतीय, 1 बांग्लादेशी) |
| घायल लोग | 12 व्यक्ति |
| यूएई द्वारा रोकी गई मिसाइलें | 17 बैलिस्टिक मिसाइलें |
| तेल की कीमत | $80 प्रति बैरल तक पहुंची |
| गिरफ्तारियां | 313 लोग (अफवाह फैलाने पर) |
| दफ्तरों के नियम | 70% वर्क फ्रॉम होम लागू |




