ईरान ने इजरायल के Haifa तेल रिफाइनरी पर किया ड्रोन अटैक, एनर्जी मिनिस्टर ने दी बड़े एक्शन की चेतावनी
ईरान की सेना ने इजरायल के Haifa शहर में स्थित तेल और गैस रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया है। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी सेना ने अपने आधिकारिक बयान में इस हमले की जानकारी साझा की है। इस घटना के बाद इजरायल में एयर रेड सायरन बजने लगे और सुरक्षा बढ़ा दी गई। हालांकि इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने कई ड्रोन्स और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने की बात कही है। इस टकराव से पूरी दुनिया में तेल सप्लाई और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चिंता बढ़ गई है।
हमले का कारण और इजरायल का जवाब क्या है?
ईरानी सेना के आधिकारिक बयान के मुताबिक यह हमला सुसाइड ड्रोन्स के जरिए किया गया है। सेना ने इसे इजरायल और अमेरिका के पुराने कदमों का जवाब बताया है और साफ किया है कि उनका ऑपरेशन लक्ष्य पूरा होने तक जारी रहेगा।
दूसरी तरफ इजरायल के ऊर्जा मंत्री Eli Cohen ने इस बात पर जोर दिया है कि इस हमले को हल्के में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने आने वाले दिनों में और भी बड़े एक्शन की बात कही है।
इजरायल के होम फ्रंट कमांड ने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी रखा है। इजरायली सेना ने कहा है कि वह किसी भी तरह के हमले से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
तेल सप्लाई और आम आदमी पर क्या पड़ेगा असर?
इन दोनों देशों के बीच चल रहे इस टकराव का सीधा असर तेल सप्लाई और ऊर्जा सेक्टर पर देखने को मिल रहा है। इसका असर आम लोगों तक भी पहुंचने लगा है।
- ईरान में पेट्रोल का कोटा 30 लीटर से घटाकर 20 लीटर कर दिया गया है।
- पड़ोसी खाड़ी देशों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। बहरीन की सरकारी तेल कंपनी Bapco ने हालात को देखते हुए काम रोकने से जुड़ा अहम फैसला लिया है।
- रिफाइनरियों पर हमले से कच्चे तेल और गैस के प्रोडक्शन में बाधा आ रही है।
- अगर हालात ऐसे ही रहे तो दुनियाभर में पेट्रोल और गैस की कीमतों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ सकता है जिसका असर आम आदमी की जेब पर होगा।





