Qatar Attack: कतर पर हमले के बाद सरकार का सख्त बयान, कहा किसी भी खतरे का दिया जाएगा उचित जवाब
कतर पर हाल ही में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद कतर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश पर होने वाले किसी भी हमले का उचित तरीके से जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी ने कहा कि कतर कूटनीति का समर्थन करता है, लेकिन देश की रक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। इस बीच सुरक्षा कारणों से कई जगहों पर गैस प्लांट का काम रोक दिया गया है और आम जनता के लिए अलर्ट जारी किया गया है।
क्या है कतर सरकार का आधिकारिक बयान
कतर के प्रधानमंत्री ने एक इंटरव्यू में बताया कि देश की रक्षा करना उनका मुख्य सिद्धांत है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत कतर को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की तरफ से होने वाले हमलों को रोकने के लिए सशस्त्र बल लगातार काम कर रहे हैं। कतर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को अपना पांचवां लेटर भी भेजा है, जिसमें 5 मार्च को हवा में ही रोकी गई 14 बैलिस्टिक मिसाइल और 4 ड्रोन की पूरी जानकारी दी गई है।
गैस प्लांट बंद और अफवाह फैलाने वालों पर एक्शन
लगातार हो रहे हमलों के कारण कतर की बड़ी कंपनी QatarEnergy ने अपने रास लाफान और मेसाइद गैस प्लांट में अस्थाई रूप से काम रोक दिया है। कंपनी ने इसे फोर्स मेज्योर (force majeure) घोषित किया है ताकि किसी बड़े खतरे और नुकसान से बचा जा सके। दूसरी तरफ कतर के गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर अफवाह और गलत जानकारी फैलाने के आरोप में 313 लोगों को गिरफ्तार किया है। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक खबरों पर ही भरोसा करें।
प्रवासियों और आम जनता के लिए जरूरी निर्देश
कतर में रहने वाले भारतियों और अन्य प्रवासियों को प्रशासन ने सतर्क रहने को कहा है। गृह मंत्रालय ने हिदायत दी है कि अगर सड़क या आसपास किसी को कोई संदिग्ध वस्तु या मलबा दिखाई दे, तो तुरंत 999 नंबर पर कॉल करके पुलिस को जानकारी दें। राहत की बात यह है कि हमलों के बावजूद कतर में पानी, बिजली और अन्य जरूरी सेवाएं पूरी तरह से चालू हैं। सरकार के पास जरूरी चीजों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।




