Tehran Air Strike: इस्राइल ने तेहरान में किया बड़ा हमला, 40 की मौत और गल्फ देशों का एयरस्पेस बंद
इस्राइली सेना ने ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के तहत 10 मार्च 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान में कई हवाई हमले किए हैं। तेहरान के रेसलत स्क्वायर के पास रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी रेड क्रिसेंट की टीम ने मलबे से एक छोटी बच्ची का शव निकाला है। ईरान की न्यूज़ एजेंसी तस्नीम के मुताबिक पिछले 24 घंटों में इस हमले में लगभग 40 लोगों की जान जा चुकी है। इस भारी तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों पर भी पड़ा है और कई जगहों पर नागरिक उड़ानें पूरी तरह रोक दी गई हैं।
तेहरान में हमले के बाद क्या हालात हैं?
हमले के बाद ईरान और इस्राइल दोनों जगह आपातकाल (State of Emergency) लागू है। इस्राइली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने तेहरान के मध्य इलाके में जनरल अली शादमानी को एक सटीक हमले में मार गिराया है। तेहरान प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए सभी स्कूल, कॉलेज, सार्वजनिक कार्यक्रम और गैर-ज़रूरी दफ्तरों को बंद कर दिया है। इसके जवाब में ईरान ने भी इस्राइल के येहुद और खाड़ी में यूएई, बहरीन और सऊदी अरब के कुछ ठिकानों की ओर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। हमले से पहले अमेरिका और इस्राइल ने कुछ इलाकों को खाली करने की चेतावनी भी जारी की थी।
गल्फ देशों और यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
लगातार हो रहे मिसाइल हमलों के कारण ईरान और कई पड़ोसी खाड़ी देशों के एयरस्पेस को बंद कर दिया गया है। आम नागरिक उड़ानों को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है। इससे गल्फ देशों में रहने वाले और वहां से सफर करने वाले भारतीय प्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
- फ्लाइट्स कैंसल: ईरान और गल्फ के कई रूट्स पर उड़ानें सुरक्षा कारणों से रद्द हैं।
- सुरक्षा अलर्ट: यूएई, बहरीन और सऊदी अरब में मिसाइल हमलों की खबरों के बीच सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
- यात्रियों को सलाह: जो लोग गल्फ देशों से भारत या अन्य जगह सफर करने वाले हैं, उन्हें अपनी एयरलाइंस से ताजा जानकारी लेने को कहा गया है।
नेताओं और संगठनों ने क्या कहा?
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका सैन्य अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। दूसरी ओर ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर ग़ालिबफ़ ने युद्धविराम की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा है कि ईरान अपना सैन्य जवाब देना जारी रखेगा। मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने घनी आबादी वाले इलाकों में हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है। यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक 180 से ज्यादा बच्चों की जान जा चुकी है।





