Israel PM Netanyahu का बड़ा बयान, कहा- ईरान की जनता तय करेगी अपनी सरकार का भविष्य
इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ईरान की वर्तमान सत्ता को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान में सत्ता परिवर्तन का फैसला पूरी तरह से वहां की जनता के हाथ में है। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि वर्तमान सैन्य अभियानों का उद्देश्य ऐसी स्थिति बनाना है जिससे ईरानी नागरिक खुद अपने भविष्य का फैसला कर सकें। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि इजरायल की कार्रवाई ने ईरान की सत्ता को काफी कमजोर कर दिया है।
नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ क्या कहा?
10 मार्च को इजरायल के National Health Command Center के दौरे पर नेतन्याहू ने कहा कि सैन्य ऑपरेशनों ने ईरान की सरकार की काफी हद तक ताकत कम कर दी है। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई से ईरान के नेतृत्व को कमजोर किया जा रहा है, लेकिन अंतिम बदलाव वहां के लोगों की इच्छा पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, ईरानी मीडिया में नेतन्याहू के घायल होने या मारे जाने की अफवाहों को इजरायली अधिकारियों ने पूरी तरह से फेक न्यूज बताकर खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र में जाकर खुद इन दावों को गलत साबित कर दिया।
सैन्य अभियान और ईरान में इंटरनेट का हाल
इस संघर्ष के बीच ईरान में आम जनता के लिए इंटरनेट सेवाएं भारी रूप से प्रभावित हुई हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान में इंटरनेट कनेक्टिविटी गिरकर सामान्य स्तर के केवल 4 प्रतिशत पर आ गई है जिससे सूचनाओं का आदान-प्रदान लगभग रुक गया है। इजरायल और अमेरिका मिलकर ‘Operation Roaring Lion’ और ‘Operation Epic Fury’ चला रहे हैं, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump भी सहयोग कर रहे हैं। वहीं, ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei और राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने बाहरी हमलों के खिलाफ देशवासियों से एकजुट होने की अपील की है।
दूसरी ओर, ईरान की सेना IRGC ने इजरायल के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि इस युद्ध का अंत वे खुद तय करेंगे। इस बढ़ते तनाव के कारण इजरायल में भी असर दिख रहा है। पिछले 24 घंटों में इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 191 लोगों के घायल होने की जानकारी दी है। नागरिकों को सुरक्षा के लिए Home Front Command के नियमों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।





