अजरबैजान ने ईरान को भेजी 30 टन राहत सामग्री, ड्रोन हमले के बाद कम होगा तनाव
अजरबैजान और ईरान के बीच हाल ही में हुए ड्रोन हमले के बाद तनाव कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अजरबैजान ने ईरान के लोगों की मदद के लिए लगभग 30 टन मानवीय सहायता भेजी है। यह राहत सामग्री 10 मार्च 2026 को Astara बॉर्डर चेकपॉइंट पर पहुंच गई। दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के बीच फोन पर हुई लंबी बातचीत के बाद इस सहायता को रवाना किया गया।
राहत सामग्री में क्या-क्या भेजा गया?
अजरबैजान के Emergency Situations मंत्रालय और State Reserves Agency ने मिलकर यह मदद तैयार की है। इस खेप में मुख्य रूप से खाने-पीने का सामान और मेडिकल सप्लाई शामिल है। यह सारा सामान Astara बॉर्डर के रास्ते ईरान भेजा गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार भेजी गई सामग्री का विवरण इस प्रकार है:
| सामग्री का नाम | मात्रा |
|---|---|
| आटा (Flour) | 10 टन |
| चावल (Rice) | 6 टन |
| चीनी (Sugar) | 2.4 टन |
| पीने का पानी | 4 टन से अधिक |
| चाय | लगभग 600 किलो |
| मेडिकल सप्लाई और दवाइयां | लगभग 2 टन |
ड्रोन हमले से कैसे शुरू हुआ था विवाद?
5 मार्च 2026 को अजरबैजान के Nakhchivan इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एक स्कूल पर ड्रोन से हमला हुआ था। इस घटना में चार आम नागरिक घायल हो गए थे। अजरबैजान ने इसके पीछे ईरान का हाथ होने की आशंका जताई थी और सुरक्षा के मद्देनजर अपने राजनयिकों को वापस बुलाना शुरू कर दिया था। सीमा पर ट्रकों की आवाजाही भी रोक दी गई थी। इसके बाद 8 मार्च को अजरबैजान के राष्ट्रपति Ilham Aliyev और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने फोन पर बातचीत की।
ईरान के राष्ट्रपति ने इस हमले में शामिल होने से साफ इनकार किया और इसे किसी तीसरे पक्ष की साजिश बताया। उन्होंने इस मामले की पूरी जांच का भरोसा भी दिया है। ईरान सरकार ने इस मानवीय सहायता के लिए अजरबैजान का धन्यवाद किया। हालांकि अजरबैजान की Foreign Ministry ने राहत सामग्री भेजने के साथ-साथ इस घटना के लिए औपचारिक माफी और स्पष्टीकरण की मांग को बरकरार रखा है।





