Gulf देशों में एयरपोर्ट और रिहायशी इलाकों पर हमले की कड़ी निंदा, कुवैत में मौत और बहरीन में फ्लाइट्स सस्पेंड
Arab Industrial Development, Standardization and Mining Organization (AIDSMO) ने हाल ही में कई Arab देशों में हुए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। कुवैत न्यूज़ एजेंसी (KUNA) द्वारा 10 मार्च 2026 को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले मुख्य रूप से रिहायशी इलाकों, एयरपोर्ट और इंडस्ट्रियल जगहों पर किए गए हैं। इन हमलों का असर कुवैत, बहरीन, कतर और UAE जैसे प्रमुख देशों पर देखने को मिला है। गल्फ में काम करने वाले और लगातार सफर करने वाले आम नागरिकों के लिए यह एक चिंता का विषय बन गया है।
हमले में हुआ कितना नुकसान और कहाँ पड़ा असर?
इन हमलों ने आम लोगों के जीवन को काफी हद तक प्रभावित किया है। AIDSMO के महानिदेशक आदेल सकर अल-सकर (Adel Saqr Al-Saqr) ने बताया कि गैर-सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना बेहद गलत है।
- कुवैत में दुखद घटना: कुवैत में गिरे मलबे की चपेट में आने से एक 11 साल की बच्ची की जान चली गई।
- बहरीन में फ्लाइट्स सस्पेंड: खतरे को देखते हुए बहरीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ऑपरेशंस रोक दिए गए हैं।
- मिसाइल और ड्रोन हमले: बहरीन ने हाल ही में 200 से अधिक मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने की जानकारी दी है।
रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए जाने के कारण गल्फ देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों की यात्रा और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ा है।
एविएशन और अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव
इन लगातार हो रहे हवाई हमलों के कारण सिविल एविएशन और इंडस्ट्रियल सेक्टर को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर एयरस्पेस बंद कर दिए गए हैं, जिससे फ्लाइट्स के समय में बदलाव और कैंसिलेशन की स्थिति पैदा हो गई है।
AIDSMO ने साफ किया है कि इंडस्ट्रियल और माइनिंग फैसिलिटीज पर हमला अरब देशों के आर्थिक विकास के लिए एक बड़ा खतरा है। इस स्थिति के कारण अरब प्लेटफार्म फॉर फ्यूचर मिनरल्स और रीजनल इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट्स के काम में रुकावट आ सकती है। व्यापार से जुड़े बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखना गल्फ देशों की अर्थव्यवस्था के लिए सबसे अहम है।





