Saudi Cabinet Decision: सऊदी अरब ने सीरिया और उरुग्वे के साथ निवेश समझौते को दी मंजूरी, अरबों डॉलर के प्रोजेक्ट पर लगी मुहर
10 मार्च 2026 को सऊदी अरब की कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने सीरिया और उरुग्वे के साथ निवेश को बढ़ावा देने और सुरक्षा प्रदान करने वाले दो अहम समझौतों को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद सऊदी की निजी कंपनियों के लिए दोनों देशों में व्यापार करना सुरक्षित और आसान हो जाएगा और बड़े स्तर पर निवेश का रास्ता खुलेगा।
सीरिया में 10 अरब डॉलर तक के बड़े प्रोजेक्ट
अमेरिका द्वारा साल 2025 के अंत में प्रतिबंध हटाए जाने के बाद सऊदी अरब सीरिया में बड़े पैमाने पर आर्थिक निवेश कर रहा है। फरवरी 2026 में दोनों देशों के बीच 5.3 अरब डॉलर से लेकर 10 अरब डॉलर तक के रणनीतिक अनुबंध हुए थे। अब इन आधिकारिक समझौतों के तहत कई बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।
- Aviation: 7.5 अरब रियाल (लगभग 2 अरब डॉलर) से अलेप्पो में दो एयरपोर्ट का विकास होगा और 51% सीरियाई हिस्सेदारी के साथ ‘Flynas Syria’ की शुरुआत होगी।
- Telecom: टेलीकॉम कंपनी stc 3 अरब रियाल के निवेश से 4500 किलोमीटर लंबा नेशनल फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क बिछाएगी जिसे सिल्कलिंक प्रोजेक्ट नाम दिया गया है।
- Energy: ACWA Power प्रतिदिन 12 लाख क्यूबिक मीटर क्षमता वाला समुद्र के पानी को मीठा बनाने का प्लांट लगाएगी।
- Industry: Riyadh Cables Group सीरिया की मॉडर्न केबल्स कंपनी का संचालन करेगा।
इन बड़े निवेशों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सऊदी अरब और सीरिया के बीच आधिकारिक बैंकिंग चैनल भी दोबारा चालू कर दिए गए हैं।
उरुग्वे में कृषि और ऊर्जा सेक्टर पर फोकस
सऊदी कैबिनेट ने दक्षिण अमेरिकी देश उरुग्वे के साथ भी निवेश समझौते को अंतिम रूप दिया है। यह समझौता पहली बार अक्टूबर 2025 में उरुग्वे के विदेश मंत्री के रियाद दौरे पर साइन किया गया था। इस डील का मुख्य उद्देश्य उरुग्वे के कृषि, रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में सऊदी निवेशकों को कानूनी गारंटी देना है।
उरुग्वे के अधिकारियों के अनुसार यह एग्रीमेंट सऊदी कैपिटल को दक्षिण अमेरिकी बाजार में पूरे भरोसे के साथ आने के लिए एक मजबूत कानूनी आधार प्रदान करेगा। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार का दायरा भी बढ़ेगा जो पहले काफी सीमित था।
निवेशकों को मिलेगी कानूनी सुरक्षा
इन द्विपक्षीय समझौतों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि सऊदी निवेशकों को गैर-व्यावसायिक जोखिमों से कानूनी सुरक्षा मिलेगी। किसी भी तरह के नुकसान या कंपनी के राष्ट्रीयकरण जैसी स्थिति से बचने के लिए नियम बनाए गए हैं। इसके साथ ही पूंजी और मुनाफे का ट्रांसफर भी बिना किसी रुकावट के हो सकेगा। किसी भी विवाद की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का रास्ता भी खुला रहेगा।
सऊदी के निवेश मंत्री खालिद अल-फालिह ने बताया कि यह समझौता कूटनीतिक संबंधों के बाद अब जमीनी स्तर पर आर्थिक विकास की शुरुआत है। इससे सीरिया को युद्ध के बाद दोबारा खड़ा होने और स्थिरता लाने में काफी मदद मिलेगी।




