Saudi Arabia Meeting: सऊदी अरब ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर बुलाई बड़ी बैठक, GCC और यूरोप के नेताओं ने लिया हिस्सा
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हाल ही में हुए हमलों को देखते हुए सऊदी अरब ने कूटनीतिक कदम उठाए हैं. 9 और 10 मार्च 2026 को एक बड़ी ऑनलाइन मीटिंग आयोजित की गई. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की तरफ से विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने इस हाई-लेवल मीटिंग में हिस्सा लिया. इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति बहाली और नागरिकों की सुरक्षा तय करना है.
इस अहम मीटिंग में किन देशों ने लिया हिस्सा?
इस मीटिंग में कई देशों और संगठनों के बड़े नेताओं ने भाग लिया. इसका मकसद एक साथ मिलकर सुरक्षा के लिए सही कदम उठाना है.
- खाड़ी देश (GCC): सऊदी अरब, UAE, कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के मंत्री और नेता.
- अन्य देश: जॉर्डन, मिस्र, इराक, सीरिया, लेबनान, तुर्की और आर्मेनिया के प्रतिनिधि.
- यूरोपीय यूनियन (EU): यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन.
मीटिंग में सुरक्षा को लेकर क्या बातचीत हुई?
पिछले कुछ समय में GCC देशों और जॉर्डन के अहम ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले की खबरें आई हैं. इसी को लेकर इस बैठक में गंभीर चर्चा की गई. सभी नेताओं ने आम नागरिकों की सुरक्षा और मानवीय सहायता को सबसे ज्यादा जरूरी बताया. इसके साथ ही लाल सागर और अरब की खाड़ी में समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया ताकि ग्लोबल सप्लाई और व्यापार पर असर न पड़े. संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत देशों के आत्मरक्षा के अधिकार पर भी सहमति बनी.
प्रवासियों और आम लोगों के लिए राहत की बात
सऊदी अरब और UAE सहित अन्य खाड़ी देशों में लाखों भारतीय और अन्य देशों के प्रवासी रहते हैं. आम लोगों के लिए यह मीटिंग काफी अहम है क्योंकि इसमें सीधे तौर पर रिहायशी इलाकों और सुविधाओं की सुरक्षा पर बात हुई है. सऊदी विदेश मंत्रालय और GCC ने साफ किया है कि वे हमलों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं. यूरोपीय यूनियन ने भी खाड़ी देशों का पूरा साथ देने का वादा किया है, जिससे आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा.




