Kuwait ने UN से की ईरान की शिकायत, मिसाइल और ड्रोन हमलों को लेकर लिया बड़ा एक्शन
कुवैत ने अपने इलाके और एयरस्पेस में हो रहे लगातार ईरानी हमलों को लेकर संयुक्त राष्ट्र (UN) से आधिकारिक शिकायत की है. कुवैत के विदेश मंत्रालय ने UN सेक्रेटरी जनरल और UN सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) के अध्यक्ष को दो चिट्ठियां भेजी हैं. 28 फरवरी से शुरू हुए इन हमलों में कुवैत के सिविलियन इलाके और Kuwait International Airport को निशाना बनाया गया है. इन हमलों में कुवैत सेना के दो जवानों की जान भी गई है और कई अन्य घायल हुए हैं.
क्या है कुवैत और ईरान के बीच का पूरा मामला?
बीते 28 फरवरी से ईरान की तरफ से मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू हुए थे. कुवैत की तरफ से UN को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले कुवैत के रिहायशी इलाकों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हैं. इसकी वजह से आम लोगों को भी नुकसान उठाना पड़ा है. कुवैत ने इस मामले को लेकर ईरानी राजदूत मोहम्मद तोतूनची को 9 मार्च को तलब भी किया था और अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई.
कुवैत सरकार ने साफ कहा है कि यह उनकी संप्रभुता और इंटरनेशनल नियमों का खुला उल्लंघन है. कुवैत ने यूएन चार्टर के आर्टिकल 51 का हवाला देते हुए खुद की रक्षा के लिए जरूरी और कड़े कदम उठाने की बात भी कही है. कुवैत ने कहा है कि वह अपनी जमीन और अपने लोगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा.
ईरान और UN ने इस मामले पर क्या कहा?
इस पूरे मामले पर ईरान ने भी 10 मार्च को UN सिक्योरिटी काउंसिल को अपना जवाब भेजा है. ईरान के प्रतिनिधि का कहना है कि उनके हमले अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हो रहे हैं और उनका मकसद खाड़ी देशों को नुकसान पहुंचाना नहीं है. हालांकि कुवैत की जमीन पर आम लोगों और एयरपोर्ट को हुए नुकसान के कारण इस बयान पर सवाल उठ रहे हैं.
वहीं दूसरी तरफ UN सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने कुवैत पर हुए इन ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि बातचीत और कूटनीति के अवसर अब खत्म होते जा रहे हैं. गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) ने भी एक विशेष बैठक कर कुवैत का पूरा समर्थन किया है और कहा है कि किसी भी एक सदस्य देश पर हमला पूरे समूह पर हमला माना जाएगा.
प्रवासियों और आम लोगों पर इसका क्या असर होगा?
कुवैत में भारत सहित कई अन्य देशों के लाखों प्रवासी रहते हैं जो वहां नौकरी करते हैं. Kuwait International Airport के आस-पास हुए हमलों की खबर से आम लोगों और वहां काम करने वालों में थोड़ी चिंता जरूर है. हालांकि कुवैत सरकार ने सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम करने का भरोसा दिया है और हालात को कंट्रोल में बताया है.
कुवैत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों और प्रवासियों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगी. गल्फ देशों में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले लोगों को फिलहाल स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी और न्यूज अपडेट्स पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है. अभी फ्लाइट्स और अन्य सेवाओं के बारे में कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाया गया है.




