US Iran War Update: ईरान से जंग के बीच व्हाइट हाउस का बड़ा बयान, तेल की सप्लाई और कीमतों पर ट्रंप उठा सकते हैं सख्त कदम
ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका के व्हाइट हाउस ने तेल और ऊर्जा क्षेत्र को लेकर एक अहम जानकारी दी है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वैश्विक बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए अमेरिका अतिरिक्त विकल्पों का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने स्पष्ट किया कि हर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की आवाजाही को सुरक्षित रखना उनकी प्राथमिकता है।
अमेरिका के पास क्या हैं अतिरिक्त विकल्प?
अगर ईरान तेल की सप्लाई रोकता है, तो अमेरिका बिना संसद की मंजूरी के कई बड़े कदम उठा सकता है। प्रशासन वर्तमान में कई कड़े फैसलों पर विचार कर रहा है। इसमें स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) से कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ाना और अमेरिका के अंदर पेट्रोल टैक्स में छूट देना शामिल है। इसके अलावा, खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले व्यापारिक जहाजों का भरोसा बढ़ाने के लिए 20 अरब डॉलर का इंश्योरेंस कवर देने की भी घोषणा की गई है। अमेरिका इन मामलों पर G7 देशों के साथ मिलकर योजना बना रहा है ताकि कच्चे तेल की कमी न हो।
कच्चे तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?
मध्य पूर्व में तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसका सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है।
- Brent Crude: 9 मार्च को इसकी कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थी, जो अब राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद घटकर 91.50 से 92.00 डॉलर पर आ गई है।
- अमेरिकी गैस और डीजल: अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 3.30 डॉलर प्रति गैलन के पार और डीजल की कीमत 4.26 डॉलर हो गई है।
- नेचुरल गैस: यूरोप में गैस की कीमतों में भी भारी बदलाव देखा गया है, जो 30 प्रतिशत बढ़ने के बाद अगले ही दिन 15 प्रतिशत नीचे आ गई।
सऊदी अरामको और ईरान का क्या रुख है?
सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने इस मौजूदा हालात को क्षेत्रीय उद्योग के लिए सबसे बड़ा संकट बताया है। कंपनी हर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से बचने के लिए लाल सागर (Red Sea) की तरफ अपनी पाइपलाइनों का काम तेज कर रही है। वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने धमकी दी है कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो इलाके से एक लीटर भी तेल बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के अनुसार अब तक ईरान में 5000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया जा चुका है और जलमार्ग खुला रखने के लिए सेना तैयार है।




