Israel News: इस्राइल ने किया ऐलान, ईरान पर युद्ध का तीसरा चरण शुरू, गल्फ देशों में अलर्ट जारी
इस्राइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. 10 मार्च 2026 को इस्राइल ने आधिकारिक तौर पर ईरान के खिलाफ युद्ध के तीसरे चरण की शुरुआत कर दी है. इस बात की पुष्टि SaudiNews50 और इस्राइली सेना ने की है. इस नए चरण में मुख्य रूप से ईरान के रक्षा और हथियार बनाने वाले ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है. युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट के 14 देशों में रहने वाले लोगों को तुरंत वहां से निकलने की सलाह दी गई है, जिससे गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीयों की चिंताएं बढ़ गई हैं.
क्या है युद्ध का तीसरा चरण और अब तक क्या हुआ?
इस्राइल की सेना (IDF) ऑपरेशन रोरिंग लायन के तहत रोजाना करीब 1,000 ठिकानों पर हवाई हमले कर रही है. तीसरे चरण में ईरान की मिसाइल बनाने वाली फैक्ट्रियों और हिजबुल्लाह से जुड़े आर्थिक ठिकानों को पूरी तरह से बर्बाद किया जा रहा है. पिछले 24 घंटों में ईरान की राजधानी तेहरान में 20 से ज्यादा बड़े धमाके सुने गए हैं.
- इस्राइल ने ईरान के 80 प्रतिशत एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह करने का दावा किया है.
- ईरान ने भी पलटवार करते हुए अपने ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत इस्राइल और अमेरिकी बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं.
- ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों का असर बहरीन, कुवैत और सऊदी अरब पर भी दिखा है.
- बहरीन की राजधानी मनामा में हुए एक हमले में एक नागरिक की मौत हो गई है और आठ लोग घायल हुए हैं.
गल्फ में रहने वाले भारतीयों और आम लोगों पर क्या होगा असर?
युद्ध के कारण मिडिल ईस्ट के हालात बहुत संवेदनशील हो गए हैं और इसका सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है. सऊदी अरब और अन्य गल्फ देशों ने ईरान के कई ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया है. 10 मार्च को सऊदी अरब के ईस्टर्न प्रोविंस के ऊपर भी दो ड्रोन मार गिराए गए.
सुरक्षा को देखते हुए इस इलाके में लगभग सभी कमर्शियल फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं. अमेरिका और कई अन्य देशों ने अपने नागरिकों को 14 मिडिल ईस्ट देशों से तुरंत निकलने को कहा है. अगर यह युद्ध और लंबा खिंचता है, तो सऊदी अरामको ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर बहुत बुरा असर पड़ेगा.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी ईरान को चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz में तेल के जहाजों को रोका गया, तो इसका अंजाम बीस गुना भारी पड़ेगा. फिलहाल अमेरिका की नेवी तेल के जहाजों को कड़ी सुरक्षा दे रही है ताकि तेल की सप्लाई में कोई रुकावट न आए.




