UN की बड़ी चेतावनी: खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव, कुवैत एयरपोर्ट और बहरीन के प्लांट पर हमला
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष को लेकर गहरी चिंता जताई है। मार्च 2026 में जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और अन्य देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान के विदेश मंत्री से बात कर सैन्य तनाव कम करने की अपील की है। इस बीच कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बहरीन के पानी साफ करने वाले प्लांट को निशाना बनाया गया है। क्षेत्र में रहने वाले लाखों भारतीयों सहित अन्य प्रवासियों के बीच इस स्थिति को लेकर चिंता देखी जा रही है।
कुवैत और बहरीन में हमलों से क्या हुआ नुकसान?
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट और ईंधन टैंकों को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा बहरीन में पानी की सप्लाई करने वाले मुख्य प्लांट पर भी हमले की खबर है। इन घटनाओं के बाद कुवैत और कतर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को औपचारिक पत्र लिखकर अपनी सुरक्षा का हवाला दिया है। क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण हो गई है क्योंकि इससे बुनियादी सुविधाएं और यात्रा सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
जहरीली काली बारिश और स्वास्थ्य पर क्या होगा असर?
तेहरान में तेल डिपो पर हुए हमलों के बाद हवा में जहरीले कण घुल गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने खाड़ी देशों में ‘काली बारिश’ और एसिड प्रदूषण की चेतावनी दी है। नागरिकों और प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे जहरीले धुएं और प्रदूषण से बचने के लिए घरों के अंदर रहें।
| प्रभावित स्थान | मुख्य समस्या |
|---|---|
| कुवैत एयरपोर्ट | फ्लाइट्स और बुनियादी ढांचे को नुकसान |
| बहरीन प्लांट | पीने के पानी की सप्लाई पर संकट |
| पूरा खाड़ी क्षेत्र | जहरीली हवा और एसिड बारिश का खतरा |
| लेबनान | 7 लाख से ज्यादा लोग हुए विस्थापित |
UN सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग और वैश्विक असर
फ्रांस ने लेबनान और खाड़ी क्षेत्र में बिगड़ते हालात पर चर्चा के लिए 11 मार्च 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है। UN का कहना है कि दुनिया के 70 प्रतिशत तेल की सप्लाई इसी क्षेत्र से होती है, इसलिए इस युद्ध का असर ग्लोबल इकोनॉमी पर भी पड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की अपील की है ताकि आम लोगों और प्रवासियों को सुरक्षित रखा जा सके।




