Trump की ईरान को बड़ी चेतावनी: ‘हटाओ समुद्री बारूद वरना होगा हमला’, सैकड़ों Flights रद्द
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रम्प ने कहा है कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz से अपनी बिछाई हुई समुद्री बारूद यानी माइन तुरंत नहीं हटाईं, तो उसे ऐसे सैन्य अंजाम भुगतने होंगे जो पहले कभी नहीं देखे गए। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान से खाड़ी देशों की सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं, जिससे आम यात्रियों और वहां रहने वाले प्रवासियों की परेशानी बढ़ गई है। यह अल्टीमेटम उस समय आया है जब मिडिल ईस्ट में सुरक्षा के हालात लगातार नाजुक बने हुए हैं।
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ट्रम्प की चेतावनी और ईरान का रुख क्या है?
डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि अगर ईरान ने समुद्री रास्तों में माइन बिछाई हैं, तो उन्हें तुरंत हटाना होगा। हालांकि अमेरिका ने अभी माइन होने की पक्की पुष्टि नहीं की है, लेकिन खुफिया जानकारी के आधार पर यह सख्त अल्टीमेटम दिया गया है। दूसरी तरफ, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ट्रम्प के शब्दों को बेअसर बताया है। इस तनाव की वजह से पूरे क्षेत्र में समुद्री जहाजों के लिए हाई अलर्ट जारी किया गया है क्योंकि Strait of Hormuz दुनिया के व्यापार के लिए बहुत जरूरी रास्ता है।
फ्लाइट्स और खाड़ी देशों की सुरक्षा पर ताजा अपडेट
पिछले 24 घंटों में इस तनाव का बड़ा असर हवाई यात्रा पर पड़ा है। पाकिस्तान से मिडिल ईस्ट के लिए चलने वाली 85 से ज्यादा फ्लाइट्स 10 मार्च को कैंसिल कर दी गईं। अब तक कुल 1600 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द हो चुकी हैं जिससे घर आने-जाने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को दिक्कत हो रही है। सुरक्षा के मोर्चे पर भी काफी हलचल रही:
- UAE: यूएई ने मंगलवार को 8 बैलिस्टिक मिसाइल और 26 ड्रोन्स को बीच में ही रोककर नष्ट किया है।
- Saudi Arabia: सऊदी अरब ने Shaybah ऑयल फील्ड की तरफ आ रहे 9 ड्रोन्स को मार गिराया है।
- US Defense: अमेरिकी रक्षा सचिव ने कहा है कि ईरान की मिसाइल लॉन्च करने की 90 प्रतिशत क्षमता को खत्म कर दिया गया है।
राजनयिक बातचीत और आम आदमी पर असर
क्षेत्र में शांति के लिए बड़े देशों के बीच बातचीत भी शुरू हो गई है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी से इस मुद्दे पर विस्तार से बात की है। वहीं न्यूजीलैंड और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के बीच भी मौजूदा संकट को लेकर चर्चा हुई है। इस युद्ध जैसे माहौल के कारण लेबनान में करीब 7,60,000 लोग विस्थापित हो चुके हैं। इजरायल ने भी अपने सैन्य अभियान को जारी रखने के लिए भारी भरकम बजट का ऐलान किया है, जिससे साफ है कि अभी तनाव कम होने में समय लग सकता है।




