US-Israel War: जर्मन चांसलर ने दी चेतावनी, ईरान युद्ध रोकने का कोई प्लान नहीं, UAE में रिफाइनरी बंद
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के युद्ध का आज 11वां दिन है। इस बीच जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्च (Friedrich Merz) ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल के पास इस युद्ध को जल्दी खत्म करने का साफ तौर पर कोई साझा प्लान नहीं है। युद्ध का दायरा बढ़ने से पूरे मिडिल ईस्ट के साथ-साथ यूरोप और खाड़ी देशों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। ईरान के पलटवार से यूएई में मौजूद अमेरिकी बेस पर भी हमले हुए हैं, जिसके चलते वहां काम करने वाले प्रवासियों के लिए भी चिंता बढ़ गई है।
जर्मन चांसलर ने क्या बड़ी चेतावनी दी है?
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्च ने 10 मार्च 2026 को कहा कि इस जंग को रोकने की कोई स्पष्ट रणनीति नजर नहीं आ रही है। उन्होंने माना कि ईरान के शासन को हटाना एक लक्ष्य हो सकता है, लेकिन युद्ध के बाद का कोई ठोस प्लान न होना सबसे बड़ी चिंता की बात है। मर्च ने साफ कहा कि जर्मनी बिना अंत वाले युद्ध के समर्थन में बिल्कुल नहीं है। अगर यह जंग लंबी खिंचती है तो यूरोप की सुरक्षा, एनर्जी सप्लाई और माइग्रेशन पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। उन्होंने इस हालात की तुलना इराक और लीबिया के युद्ध से की।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर पड़ रहा है?
इस युद्ध का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और वहां के कामकाज पर दिखने लगा है। यूएई की ADNOC रुवाइस रिफाइनरी (Ruwais refinery) को ड्रोन हमले के बाद एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल के जहाजों की आवाजाही पर भी संकट है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने जहाजों को रोका तो अमेरिका खतरनाक हमले करेगा। वहीं, 5 यूरोपीय देशों ने युद्ध को लेबनान तक फैलने से रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है।
ईरान ने किन सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना?
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अपने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 34वीं लहर शुरू कर दी है। ईरान लगातार इजरायली ठिकानों और अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बना रहा है जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
- हमले में कादर, इमाद, फतह और खैबर हाइपरसोनिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
- यूएई स्थित अल धफरा (Al Dhafra) और अल जुफैर (Al Juffair) में मौजूद अमेरिकी बेस को निशाना बनाया गया।
- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ईरान में हमलों के बाद होने वाली ब्लैक रेन (काली बारिश) को लेकर गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है।
- तेहरान के अधिकारियों के अनुसार हालिया हमलों में 193 बच्चों की जान जा चुकी है।




