Saudi Arabia Ramadan Record: मक्का और मदीना में 20 दिन में पहुंचे 9.6 करोड़ लोग, आखिरी 10 दिनों के लिए नए नियम लागू
सऊदी अरब में इस साल रमजान के दौरान एक बड़ा रिकॉर्ड बना है। रमजान के पहले 20 दिनों के भीतर मक्का की मस्जिद अल-हरम और मदीना की मस्जिद एन-नबवी में कुल 9.6 करोड़ से ज्यादा लोगों ने हाजिरी दी है। सऊदी सरकार ने बताया कि पूरी दुनिया से आने वाले जायरीन की सुरक्षा और सुविधा के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए गए हैं। भारत और अन्य देशों से जाने वाले उमराह यात्रियों के लिए भी यह आंकड़े काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि अब रमजान के आखिरी दस दिनों की भीड़ के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है।
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मक्का और मदीना में यात्रियों के आंकड़े और मुख्य जानकारी
सऊदी अथॉरिटी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पिछले 20 दिनों में कुल 9,66,59,674 लोग दोनों पवित्र मस्जिदों में पहुंचे। मक्का में उमराह करने वालों और नमाज पढ़ने वालों की संख्या सबसे ज्यादा रही। प्रशासन ने बताया कि हर दिन औसतन 48 लाख से ज्यादा लोग इबादत के लिए पहुंच रहे हैं।
| स्थान | कुल यात्री | विवरण |
|---|---|---|
| मस्जिद अल-हरम, मक्का | 7.32 करोड़ | नमाजी और उमराह यात्री |
| मस्जिद एन-नबवी, मदीना | 2.34 करोड़ | नमाजी और दर्शनार्थी |
| रियाजुल जन्नत (मदीना) | 5.79 लाख | परमिट के साथ दर्शन |
| उमराह यात्री (मक्का) | 1.56 करोड़ | सिर्फ उमराह करने वाले |
आखिरी 10 दिनों के लिए सऊदी सरकार की बड़ी तैयारी
रमजान के आखिरी दस दिनों में भीड़ और ज्यादा बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने देशभर की 84,000 से ज्यादा मस्जिदों को पूरी तरह तैयार कर दिया है। मक्का और मदीना के नगर निकायों ने सफाई और भीड़ प्रबंधन के लिए 18,000 से ज्यादा कर्मचारी और 6,000 से ज्यादा गाड़ियां तैनात की हैं।
- मक्का में गाड़ियों के लिए 42,000 पार्किंग स्पेस बनाए गए हैं।
- पार्किंग से मस्जिद तक जाने के लिए शटल बस सेवा उपलब्ध होगी।
- भीड़ को काबू करने के लिए एआई (AI) और सेंसर सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।
- भीड़ वाले इलाकों में रियल टाइम मॉनिटरिंग के जरिए लोगों के आने-जाने पर नजर रखी जा रही है।
उमराह यात्रियों और प्रवासियों के लिए जरूरी नियम
जो लोग भारत या अन्य देशों से उमराह के लिए जा रहे हैं, उन्हें नुसुक (Nusuk) एप के जरिए परमिट लेना अनिवार्य होगा। बिना परमिट के उमराह या रियाजुल जन्नत में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके साथ ही सभी विदेशी यात्रियों के पास हेल्थ इंश्योरेंस होना जरूरी है ताकि किसी भी बीमारी की स्थिति में उन्हें मेडिकल कवर मिल सके। मक्का की रॉयल कमीशन ने बताया कि मीकात (Miqat) मस्जिदों से अब तक 20 लाख लोग गुजर चुके हैं, जो उच्च स्तर की तैयारी को दर्शाता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे केवल निर्धारित पार्किंग और बस सेवाओं का ही उपयोग करें ताकि यातायात में बाधा न आए।




