Central Govt New Gas Rule: भारत में गैस सप्लाई को लेकर नया नियम लागू, अब घरों और ट्रांसपोर्ट को मिलेगा पूरा कोटा
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण भारत में प्राकृतिक गैस की सप्लाई पर भारी दबाव देखा जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत नए आदेश जारी किए हैं। भारत की कुल गैस ज़रूरत का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है, जो अभी Strait of Hormuz में जहाजों के फंसे होने के कारण बाधित है। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों के घरों में खाना पकाने वाली गैस और ट्रांसपोर्ट के लिए सीएनजी की कोई कमी न हो।
गैस सप्लाई को लेकर सरकार ने क्या प्राथमिकता तय की है?
पेट्रोलियम मंत्रालय ने गैस बांटने के लिए एक नया ढांचा तैयार किया है। इसके तहत सबसे पहली प्राथमिकता घरेलू पीएनजी (PNG) और गाड़ियों के लिए सीएनजी (CNG) को दी गई है। इन क्षेत्रों को उनकी औसत खपत का पूरा 100 प्रतिशत कोटा मिलेगा। इसके बाद खाद (Fertilizer) उद्योग को 70 प्रतिशत सप्लाई दी जाएगी ताकि खेती पर असर न पड़े। अन्य औद्योगिक और कमर्शियल ग्राहकों को उनकी औसत ज़रूरत का 80 प्रतिशत तक ही गैस मिल सकेगी। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए बिजली घरों की गैस सप्लाई में कटौती की गई है।
रेस्टोरेंट और हवाई यात्रा पर कैसे पड़ेगा असर?
गैस की प्राथमिकता बदलने से कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत शुरू हो गई है। National Restaurant Association of India (NRAI) ने अपने सदस्यों को गैस के बजाय इंडक्शन और बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके अलावा हवाई यात्रा भी महंगी हो गई है। Air India और Air India Express ने विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है। घरेलू उड़ानों के लिए यात्रियों को प्रति टिकट 399 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर यह सरचार्ज 200 डॉलर यानी करीब 18,324 रुपये तक जा सकता है, जिससे विदेश जाने वाले यात्रियों की जेब पर बोझ बढ़ेगा।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| दैनिक गैस ज़रूरत | 19.1 करोड़ क्यूबिक मीटर |
| घरेलू गैस कनेक्शन | 33 करोड़ |
| घरेलू फ्लाइट सरचार्ज | ₹399 |
| विदेशी फ्लाइट सरचार्ज | $200 तक (रूट के अनुसार) |
| निगरानी नियम | जमाखोरी पर ESMA के तहत गिरफ्तारी |




