Israel Army Alert: इजराइल सेना का बड़ा आदेश, बेरूत के निवासियों को तुरंत घर छोड़ने की चेतावनी
लेबनान में चल रहे संघर्ष के बीच 11 मार्च 2026 को इजराइल सेना ने एक बड़ा और तत्काल आदेश जारी किया है। इजराइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में रहने वाले लोगों को तुरंत अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है। सेना की तरफ से साफ कहा गया है कि अगले आदेश तक कोई भी व्यक्ति इन इलाकों में वापस न लौटे। इस चेतावनी के बाद इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और बड़ी संख्या में लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं।
किन इलाकों को खाली करने का दिया गया है आदेश?
इजराइल सेना के अरबी भाषा के प्रवक्ता अविचाय अद्रेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नक्शे के साथ यह चेतावनी जारी की है। इस आदेश का मुख्य असर बेरूत और उसके आस-पास के क्षेत्रों पर पड़ रहा है।
- प्रभावित इलाके: यह आदेश मुख्य रूप से हरेट हरिक (Haret Hreik) और बुर्ज अल-बराजनेह (Burj al-Barajneh) के निवासियों के लिए लागू किया गया है।
- कहाँ जाना है: लोगों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे तुरंत पूर्व की ओर दमिश्क हाइवे (Damascus highway) की तरफ चले जाएं।
- अन्य गांव: बेरूत के अलावा दक्षिणी लेबनान के 6 अन्य गांवों को भी तुरंत खाली करने को कहा गया है और लोगों को 1000 मीटर दूर जाने को कहा गया है।
सेना का कहना है कि वे आने वाले कुछ ही घंटों में इन इलाकों में हिजबुल्लाह (Hezbollah) के ठिकानों पर कार्रवाई करने जा रहे हैं। सेना ने स्पष्ट किया है कि हिजबुल्लाह के ठिकानों के पास रहने वाले लोग अपनी जान को खतरे में डाल रहे हैं।
हमलों का ताज़ा अपडेट और विस्थापन
चेतावनी जारी होने के कुछ ही देर बाद बुधवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में इजराइल की तरफ से कई बड़े हवाई हमले देखे गए। जमीन पर भी इजराइल की 36वीं डिवीजन लेबनान के दक्षिणी हिस्से में काफी अंदर तक कार्रवाई कर रही है। जवाब में हिजबुल्लाह ने भी इजरायली सैनिकों पर रॉकेट दागे हैं और इस मौजूदा स्थिति को एक खुली जंग करार दिया है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 11 मार्च को काना और टायर इलाकों में हुए हमलों में 5 लोगों की मौत हो गई है। इस लगातार चल रहे संघर्ष के कारण लेबनान में अब तक करीब 7 लाख 59 हजार 300 लोग अपने घर छोड़ चुके हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और वहां यात्रा करने वालों को भी इस स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है क्योंकि युद्ध का असर फ्लाइट्स और सामान्य जनजीवन पर भी पड़ सकता है।




