तेहरान में अमेरिका और इजराइल का भारी हमला, नॉर्थ कोरिया की बिल्डिंग को किया तबाह, दुनियाभर में मचा हड़कंप
ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिका और इजराइल ने अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है. 11 मार्च 2026 को ‘Operation Epic Fury’ के तहत पूर्वी तेहरान में कई जगहों पर बमबारी की गई. इस हमले में एक ऐसी बिल्डिंग को भी निशाना बनाया गया है जिसका सीधा संबंध नॉर्थ कोरिया से है. इंटरनेशनल लॉ के तहत किसी भी देश की डिप्लोमैटिक बिल्डिंग पर हमला करना सीधे उस देश की संप्रभुता पर हमला माना जाता है. इस घटना के बाद पूरी दुनिया में खलबली मच गई है क्योंकि इससे परमाणु हथियारों से लैस नॉर्थ कोरिया भी इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल हो सकता है.
नॉर्थ कोरिया और किम जोंग उन का रिएक्शन
हमले का शिकार हुई बिल्डिंग का इस्तेमाल नॉर्थ कोरिया के टेक्निकल एडवाइजर और डिप्लोमैट करते थे. इस घटना के तुरंत बाद नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अपने नए 5,000 टन के युद्धपोत ‘Choe Hyon’ से क्रूज मिसाइलों का टेस्ट किया. नॉर्थ कोरिया के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इजराइल के इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे गैरकानूनी बताया है.
इसके साथ ही नॉर्थ कोरिया ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को अपना पूरा समर्थन देने का आधिकारिक ऐलान किया है. जानकारों का मानना है कि इस हमले को नॉर्थ कोरिया एक उकसावे के रूप में देख रहा है और वह ईरान को अपनी मिलिट्री सपोर्ट बढ़ा सकता है.
अमेरिका की तैयारी और ग्लोबल इम्पैक्ट
इस युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर पड़ने लगा है. ईरान ने ‘Strait of Hormuz’ को ब्लॉक कर दिया है जिससे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है. हालात को देखते हुए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) 400 मिलियन बैरल तेल अपने रिजर्व से निकालने पर विचार कर रही है. संकट को कम करने के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने G7 देशों की एक इमरजेंसी मीटिंग भी बुलाई है.
वहीं अमेरिका ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से निपटने के लिए अपनी तैयारी तेज कर दी है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने कहा है कि ईरान के मिसाइल प्रोडक्शन और नेवी को खत्म करने के लिए ये अब तक के सबसे बड़े हमले थे. अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए अमेरिका अब साउथ कोरिया में तैनात अपने THAAD और पैट्रियट (Patriot) मिसाइल सिस्टम को मिडिल ईस्ट में शिफ्ट कर रहा है.




