सऊदी अरब में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, रियाद और मक्का सहित कई इलाकों में बाढ़ का खतरा
सऊदी अरब के अधिकांश हिस्सों में बसंत के मौसम की बारिश शुरू हो गई है जिससे जनजीवन पर असर पड़ा है। नेशनल सेंटर ऑफ मेट्रोलॉजी (NCM) ने जानकारी दी है कि आने वाले दिनों में मध्यम से भारी गरज के साथ बारिश हो सकती है। इस मौसम के कारण अचानक बाढ़ आने की संभावना जताई गई है जिसके साथ ओले गिरने और तेज धूल भरी हवाएं चलने का भी अनुमान है। सऊदी में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों को मौसम विभाग ने अलर्ट रहने को कहा है।
इन इलाकों के लिए जारी हुआ ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने रियाद और मक्का जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण बाढ़ आने का जोखिम अधिक है। इसके अलावा कई अन्य प्रांतों के लिए येलो अलर्ट भी दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों का विवरण नीचे दिया गया है:
| क्षेत्र का नाम | अलर्ट का प्रकार | संभावित स्थिति |
|---|---|---|
| रियाद (अल-खर्ज, अल-मजहमिया) | ऑरेंज अलर्ट | भारी बारिश और अचानक बाढ़ |
| मक्का (अधम और मयसन) | ऑरेंज अलर्ट | तेज गरज के साथ बारिश |
| तबुक, मदीना, अल-बहा | येलो अलर्ट | मध्यम बारिश और हवाएं |
| हैल, अल-जौफ, कासिम | येलो अलर्ट | ओलावृष्टि की संभावना |
| नजरान और जाजान | सामान्य अलर्ट | हल्की से मध्यम बारिश |
अधिकारियों की ओर से जारी जरूरी दिशा-निर्देश
- नागरिक सुरक्षा विभाग ने लोगों को घाटियों के निचले इलाकों और बाढ़ प्रभावित जगहों से दूर रहने की हिदायत दी है।
- मौसम विभाग के अनुसार यह मौसमी सिस्टम 18 मार्च 2026 यानी रमजान के अंत तक सक्रिय रह सकता है।
- रात और सुबह के समय कोहरा छाने की वजह से विजिबिलिटी कम हो सकती है इसलिए वाहन चलाते समय सावधानी बरतें।
- बारिश के दौरान हवा की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है जिससे तापमान में गिरावट दर्ज होगी।
- ताजा जानकारी के लिए ‘Anwaa’ एप्लीकेशन और आधिकारिक सोशल मीडिया चैनलों पर नजर रखने को कहा गया है।





