Crude Oil Price: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार, खाड़ी देशों में बढ़ी हलचल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों ने एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल का आंकड़ा पार कर लिया है। सऊदी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, 12 मार्च 2026 को ब्रेंट क्रूड 100.78 डॉलर पर पहुंच गया। इस अचानक आई तेजी का मुख्य कारण समुद्री रास्तों में पैदा हुई रुकावट और इराक में तेल टैंकरों पर हुए हमले बताए जा रहे हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे आने वाले समय में महंगाई और यात्रा खर्च पर सीधा असर पड़ सकता है।
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तेल की कीमतों में अचानक उछाल क्यों आया
बाजार में तेल की सप्लाई को लेकर आई दिक्कतों ने कीमतों को ऊपर चढ़ा दिया है। इसकी मुख्य वजहों को नीचे देखा जा सकता है:
- इराक के प्रमुख तेल टर्मिनलों पर हमले के बाद वहां काम पूरी तरह बंद किया गया।
- Strait of Hormuz में रुकावट की वजह से दुनिया की 20 प्रतिशत तेल सप्लाई बाधित हुई है।
- कतर के ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर रास्ता बंद रहा तो शिपमेंट रुक सकती है।
- शिपिंग और इंश्योरेंस कंपनियों ने मौजूदा खतरों को देखते हुए इस रास्ते से जाना बंद कर दिया है।
- मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि हालात नहीं सुधरे तो कीमतें 150 डॉलर तक जा सकती हैं।
कीमतों को काबू करने के लिए क्या कदम उठाए गए
दुनिया भर की सरकारों और ऊर्जा संगठनों ने तेल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए अपने सुरक्षित भंडार खोलने का फैसला किया है। इसकी जानकारी इस प्रकार है:
| संस्था/देश | कदम | मात्रा |
|---|---|---|
| IEA | इमरजेंसी रिजर्व रिलीज | 400 मिलियन बैरल |
| अमेरिका | SPR से तेल की रिलीज | 172 मिलियन बैरल |
| जापान | बाजार में तेल उतारना | 80 मिलियन बैरल |
सऊदी अरब ने भी सप्लाई जारी रखने के लिए अपने Red Sea पोर्ट्स का इस्तेमाल शुरू किया है ताकि खाड़ी के समुद्री रास्तों में हो रही देरी से बचा जा सके। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने इसे अब तक का सबसे बड़ा इमरजेंसी रिलीज बताया है। वित्तीय जानकारों का कहना है कि अगर कीमतें इसी तरह 100 डॉलर के ऊपर बनी रहती हैं, तो दुनिया भर के देशों को अपनी ब्याज दरों और महंगाई पर फिर से विचार करना होगा।





