Dubai में प्राइवेट सेक्टर की मजबूती के लिए बड़ा कदम, Chamber of Commerce ने की 35 अहम बैठकें
दुबई चैंबर ऑफ कॉमर्स (Dubai Chamber of Commerce) ने प्राइवेट सेक्टर को और मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 12 मार्च 2026 को चैंबर ने विभिन्न बिजनेस ग्रुप और बिजनेस काउंसिल के साथ 35 अहम बैठकें की हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य मौजूदा हालात में बिजनेस की जरूरतों को समझना और कंपनियों को सपोर्ट करने के नए तरीके खोजना है। इससे दुबई में व्यापार करने वालों और यहां नौकरी करने वाले प्रवासियों को लंबे समय में काफी फायदा मिलेगा।
इन बैठकों में क्या खास चर्चा हुई?
इन 35 बैठकों में मुख्य रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि कैसे दुबई की अर्थव्यवस्था को वैश्विक बदलावों के हिसाब से तैयार किया जाए। बिजनेस की ग्रोथ को टिकाऊ बनाने और कामकाज में सुधार लाने पर गहराई से विचार किया गया।
इस पहल से दुबई की एक ग्लोबल ट्रेड और इन्वेस्टमेंट हब के रूप में पहचान और मजबूत होगी। बैठकों में कई देशों की बिजनेस काउंसिल ने हिस्सा लिया ताकि सभी की समस्याओं और सुझावों को सुना जा सके।
- Indian Business & Professional Council
- Pakistan और Chinese Business Council
- American और British Business Council
- Philippine, Turkish और South African Council
प्राइवेट सेक्टर को लेकर अधिकारियों का क्या कहना है?
दुबई चैंबर्स के प्रेसिडेंट और सीईओ मोहम्मद अली राशिद लूता (Mohammad Ali Rashed Lootah) ने इन बैठकों के बारे में अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के बीच मजबूत साझेदारी से ही आर्थिक विकास सही दिशा में हो सकता है।
उनका कहना है कि इस तरह के कदमों से अंतरराष्ट्रीय बिजनेस कम्युनिटी का दुबई पर भरोसा और बढ़ता है। इससे पहले साल 2025 में भी चैंबर ने 54 कानूनों की समीक्षा की थी, जिसमें प्राइवेट सेक्टर के 60 प्रतिशत सुझावों को स्वीकार किया गया था।
इस नई पहल से गल्फ में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी एक स्थिर और सुरक्षित माहौल बनेगा। जब प्राइवेट सेक्टर मजबूत होगा, तो रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और बाजार में काम करने वाली कंपनियों को अपना व्यापार बढ़ाने में मदद मिलेगी।





