Iran New Supreme Leader: अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति पर हूतियों का बड़ा बयान, अमेरिका और इजरायल को लगा करारा तमाचा
यमन के अंसार अल्लाह (हूती) आंदोलन के नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति पर अपना आधिकारिक बयान जारी किया। आधिकारिक न्यूज़ एजेंसी IRNA के मुताबिक, अल-हूती ने इस नियुक्ति को वैश्विक ताकतों, विशेष रूप से अमेरिका और इजरायल के लिए एक करारा तमाचा कहा। उन्होंने बताया कि यह फैसला ईरान की संस्थाओं की मजबूती और बिना पीछे हटे सैन्य दबाव का सामना करने की क्षमता को दुनिया के सामने लाता है।
अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति और इसके मायने
8 मार्च 2026 को ईरान की 88 सदस्यों वाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने अयातुल्लाह मोजतबा खामेनेई को ईरान का तीसरा सुप्रीम लीडर चुना। ईरानी संविधान के अनुच्छेद 108 के तहत एक विशेष सत्र में यह निर्णायक मतदान हुआ। इससे पहले 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के एक संयुक्त हवाई हमले में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी।
56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई, पूर्व सुप्रीम लीडर के दूसरे बेटे हैं और उनके इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के साथ गहरे संबंध माने जाते हैं। इस ऐलान के तुरंत बाद IRGC ने नए लीडर के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर कर दी और ईरान के साथ खड़े रहने की बात कही।
ईरान को मिल रहा क्षेत्रीय ताकतों का समर्थन
नए सुप्रीम लीडर की घोषणा के बाद ईरान को उसके क्षेत्रीय सहयोगियों का पूरा समर्थन मिल रहा है। हूती आंदोलन ऐसा पहला समूह बना जिसने अल-मसीरा टीवी और IRNA के जरिए आधिकारिक तौर पर बधाई संदेश भेजा और ईरान के साथ अपनी पूरी एकजुटता जाहिर की। इसके अलावा क्षेत्र के अन्य सशस्त्र समूहों और देशों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
ईरान के रक्षा और कूटनीतिक मोर्चे पर कुछ महत्वपूर्ण अपडेट इस प्रकार हैं:
- हिजबुल्लाह (Hezbollah) और कताइब हिजबुल्लाह ने मोजतबा खामेनेई के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर की।
- ओमान सहित कई क्षेत्रीय देशों ने समर्थन के संदेश भेजे, जबकि अमेरिका और इजरायल की तरफ से इस नेतृत्व को लेकर शत्रुतापूर्ण बयान आ रहे हैं।
- ईरानी सेना की मिसाइलों पर ‘आपके आदेश पर, सैय्यद मोजतबा’ जैसे नारे लिखे जा रहे हैं।
- सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने कहा कि स्पष्ट कानूनी प्रक्रिया यह बताती है कि पूर्व नेता को खोने के बाद भी ईरान किसी भी तरह से रुका नहीं है।
- विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया कि ईरान का ध्यान अपनी रक्षा और पूर्व नेतृत्व को निशाना बनाने वालों पर जवाबी कार्रवाई करने पर केंद्रित रहेगा।





