US Central Command का बड़ा हमला, ईरान में 6000 ठिकानों को बनाया निशाना, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव
US Central Command (CENTCOM) ने ईरान में चल रहे सैन्य अभियान के दौरान 6000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है। ‘Operation Epic Fury’ के नाम से 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस अभियान में बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई की गई है। इस दौरान 60 से अधिक ईरानी युद्धपोत नष्ट कर दिए गए हैं। सऊदी अरब और कतर जैसे देशों ने भी अपने क्षेत्र में मिसाइल हमले रोके हैं, जिससे वहां रह रहे प्रवासियों को हालात पर नजर रखनी पड़ रही है।
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हमले में हुए नुकसान की रिपोर्ट
अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth के अनुसार 10 से 12 मार्च के बीच सबसे अधिक बमबारी हुई है। इजराइल ने भी अपने स्तर पर 3400 जगहों पर 6000 से ज्यादा एयरस्ट्राइक की है। तेहरान के मेयर Alireza Zakani ने बताया कि राजधानी में काफी नुकसान हुआ है और मलबा हटाने का काम चल रहा है। इसके अलावा Soleimani-class के सभी युद्धपोत पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। CENTCOM के कमांडर Adm. Brad Cooper ने कहा कि अमेरिकी ताकत क्षेत्र में बढ़ रही है जबकि ईरान की सैन्य क्षमता कम हो रही है।
नागरिकों और बंदरगाहों के लिए चेतावनी
CENTCOM ने ईरानी नागरिकों और बंदरगाह कर्मचारियों को नौसेना के जहाजों और पोर्ट से दूर रहने की चेतावनी दी है। अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि जिन कमर्शियल पोर्ट का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए हो रहा है, वे अब अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सुरक्षित नहीं हैं। Strait of Hormuz के पास विशेष नजर रखी जा रही है। यहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। सेना का कहना है कि आम लोगों को नुकसान से बचाने की पूरी कोशिश की जा रही है।
खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर असर
इस संघर्ष का असर सऊदी अरब, कतर और अन्य खाड़ी देशों पर भी देखा जा रहा है। पिछले 24 घंटों में सऊदी और कतर ने अपनी सीमा की ओर आ रहे ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया है कि ऑपरेशन काफी हद तक पूरा हो गया है और संघर्ष का अंत जल्द हो सकता है। ऐसे हालात में खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को अपने देश के दूतावास और स्थानीय सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए।




