Saudi Hajj Rules: सऊदी अरब का नया फरमान, बिना परमिट वाले हज यात्रियों को ठहराने पर होटल मालिकों को चेतावनी
सऊदी अरब के पर्यटन मंत्रालय ने हज सीजन को लेकर एक सख्त चेतावनी जारी की है. अब मक्का और मदीना में कोई भी होटल या बिल्डिंग मालिक बिना वैध हज परमिट वाले यात्रियों को अपने यहां नहीं ठहरा सकेगा. यह नियम उन सभी लोगों पर लागू होगा जो बिना आधिकारिक अनुमति के हज करने की कोशिश करते हैं. मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन नहीं करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और उनका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है.
क्या है नया नियम और चेकिंग का तरीका?
पर्यटन मंत्रालय और सऊदी सुरक्षा बल मिलकर मक्का, मदीना और आस-पास के इलाकों में चेकिंग अभियान चला रहे हैं. इस अभियान को ‘No Hajj Without a Permit’ का नाम दिया गया है. इसके तहत सभी होटल, सर्विस अपार्टमेंट और रिहायशी बिल्डिंग के मालिकों को सख्त निर्देश दिए गए हैं. उन्हें अपने यहां रुकने वाले हर मेहमान का आधिकारिक हज परमिट चेक करना होगा. डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए सभी मेहमानों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है ताकि सुरक्षा और पारदर्शिता बनी रहे. पर्यटन मंत्रालय और हज व उमरा मंत्रालय ने मिलकर यह व्यवस्था लागू की है.
नियम तोड़ने पर क्या होगी सजा और जुर्माना?
अगर कोई भी प्रॉपर्टी मालिक बिना परमिट वाले हज यात्रियों को ठहराता हुआ पाया जाता है, तो उस पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस नियम का मुख्य उद्देश्य फर्जी हज अभियानों को रोकना और भीड़ को नियंत्रित करना है.
- नियम तोड़ने पर 10,000 SAR से लेकर 50,000 SAR तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.
- दोषी पाए जाने वाले होटल या टूरिस्ट बिल्डिंग का कमर्शियल लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है.
- इस तरह के गैरकानूनी काम में शामिल प्रवासी (Expat) लोगों को डिपोर्ट करके सऊदी अरब से हमेशा के लिए निकाला जा सकता है.
यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि आधिकारिक परमिट लेकर आने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा और पूरी सुरक्षा मिल सके. सऊदी पब्लिक सिक्योरिटी की टीमें लगातार फील्ड इंस्पेक्शन कर रही हैं और आने वाले दिनों में यह चेकिंग और भी तेज कर दी जाएगी.




