Kuwait Update: कुवैत ने ईरान के हमलों का किया कड़ा विरोध, गल्फ में 3000 फ्लाइट्स हुई कैंसिल
कुवैत ने गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) और यूनाइटेड किंगडम (UK) की एक अहम मीटिंग में ईरान की तरफ से हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। कुवैत के विदेश मंत्री शेख जर्राह जाबेर अल-अहमद अल-सबा ने इस वर्चुअल मीटिंग में कुवैत का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि इस हमले का असर आम लोगों पर भी पड़ा है और यह अंतरराष्ट्रीय नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) ने भी प्रस्ताव 2817 पास करके इन हमलों का विरोध किया है।
हमलों का आम लोगों और उड़ानों पर असर
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार कुवैत पर अब तक 234 मिसाइल और 422 ड्रोन से हमला किया गया है। इन हमलों में कुवैत में 12 लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें सेना और गृह मंत्रालय के जवान और एक बच्चा शामिल है। इस तनाव के कारण मिडिल ईस्ट में 3000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं जिसका असर गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले यात्रियों पर सीधा पड़ रहा है। कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल डिपो और कई रिहायशी इलाकों को भी निशाना बनाया गया है। कुवैत का गृह मंत्रालय आम लोगों से अपील कर रहा है कि वे अफवाहों पर ध्यान ना दें और अपनी सुरक्षा के लिए केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
कुवैत और GCC का बचाव और अगला कदम
कुवैत और अन्य GCC देशों ने UN चार्टर के आर्टिकल 51 का हवाला देते हुए अपने बचाव का अधिकार जताया है। GCC देशों का साफ कहना है कि किसी एक सदस्य देश पर हमला पूरे समूह पर हमला माना जाएगा। इस मीटिंग में UK के प्रतिनिधियों ने भी कुवैत का पूरा साथ देने की बात कही है। विदेश मंत्री शेख जर्राह ने कहा कि जो देश इस विवाद का हिस्सा नहीं हैं उन पर हमला करना किसी भी हालत में सही नहीं है। इन हमलों से समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा स्थिरता पर भी बुरा असर पड़ रहा है।




