America Iran War Update: ट्रम्प बोले हालात तेज़ी से बदल रहे, खाड़ी देशों में अलर्ट और तेल 100 डॉलर के पार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान को लेकर हालात बहुत तेज़ी से बदल रहे हैं। 12 मार्च 2026 तक यह युद्ध अपने 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों की सुरक्षा और दुनिया भर में तेल की कीमतों पर पड़ रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रहा है?
ट्रम्प के मुताबिक अमेरिकी सेना ने ईरान के 58 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है। अमेरिका का मुख्य लक्ष्य ईरान की सैन्य ताकत को रोकना है। वहीं ईरान में अब नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने कमान संभाल ली है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका और इजराइल पीछे नहीं हटते, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का रास्ता बंद रहेगा।
- ऑपरेशन ‘Epic Fury’ के शुरुआती 6 दिनों में अमेरिका के 11.3 बिलियन डॉलर खर्च हुए हैं।
- अमेरिकी हमलों के कारण ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90 प्रतिशत की कमी आई है।
- अमेरिका ने साफ किया है कि फिलहाल उनकी सेना ईरान की ज़मीन पर नहीं उतरेगी।
सऊदी अरब, UAE और प्रवासियों पर क्या असर हो रहा है?
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति थोड़ी चिंताजनक हो सकती है। ईरान द्वारा समुद्री रास्ता बंद करने से कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है। इसका असर महंगाई और फ्लाइट की टिकटों पर देखने को मिल सकता है। जो लोग खाड़ी देशों में काम करते हैं या सफर करते हैं, उन्हें अपडेट रहना चाहिए।
सुरक्षा के लिहाज से खाड़ी देशों में हाई अलर्ट है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने शायबाह ऑयलफील्ड की तरफ आ रहे कई ड्रोन को बीच में ही नष्ट किया है। बीते 24 घंटे में यह तीसरा हमला था जिसे नाकाम किया गया। इसी तरह UAE और कुवैत ने भी अपनी एयर डिफेंस प्रणाली को एक्टिव कर दिया है ताकि किसी भी मिसाइल या ड्रोन को रोका जा सके।
सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि वह कूटनीति से शांति बहाल करने के पक्ष में है। सऊदी दूतावास ने उन रिपोर्टों को भी खारिज किया है जिनमें कहा गया था कि उन्होंने अमेरिका पर हमले का दबाव डाला था। फिलहाल खाड़ी देशों में काम करने वाले सभी नागरिकों को स्थानीय सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।




