UAE और हंगरी के बीच अहम बातचीत, मध्य पूर्व में शांति और सुरक्षा को लेकर दोनों नेताओं ने की चर्चा
UAE के राष्ट्रपति हिज हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन के बीच 12 मार्च 2026 को फोन पर अहम बातचीत हुई। इस चर्चा का मुख्य विषय मध्य पूर्व में चल रहे मौजूदा हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा थे। दोनों नेताओं ने सैन्य तनाव को कम करने और कूटनीतिक बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया। इस बातचीत का मकसद आम लोगों और क्षेत्र की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।
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मध्य पूर्व में शांति और सुरक्षा पर जोर
बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने साफ किया कि क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि किसी भी विवाद को सुलझाने के लिए गंभीर बातचीत और कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल होना चाहिए। हाल के दिनों में हुए सैन्य घटनाक्रम को देखते हुए यह बातचीत काफी अहम मानी जा रही है। इसका सीधा असर गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां रहने वाले लोगों की सुरक्षा और स्थिरता पर पड़ता है। हंगरी के प्रधानमंत्री ने पहले भी UAE की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उठाए गए कदमों का समर्थन किया है।
UAE और हंगरी के मजबूत होते रिश्ते
सुरक्षा के मुद्दों के अलावा दोनों नेताओं ने UAE और हंगरी के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर भी चर्चा की। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 35 साल पूरे हो चुके हैं और इसे आगे बढ़ाने के लिए नए मौकों की तलाश की जा रही है। हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच 5 बिलियन यूरो का आर्थिक सहयोग समझौता भी हुआ है। इसके तहत UAE की एक प्रमुख कंपनी बुडापेस्ट में एक बड़ा अर्बन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट तैयार कर रही है। इससे पहले जुलाई 2025 में भी दोनों देशों ने ऊर्जा, AI, रक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में 14 एग्रीमेंट साइन किए थे।




