Saudi Arabia Drone Attack: सऊदी अरब में 38 ड्रोन हमले नाकाम, रियाद के दूतावास इलाके में सुरक्षा अलर्ट जारी
सऊदी अरब के रियाद में सुरक्षा बलों ने एक बड़े हवाई हमले को नाकाम कर दिया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर यानी दूतावास इलाके की ओर बढ़ रहे एक दुश्मन ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया। पिछले 24 घंटों में सऊदी एयर डिफेंस सिस्टम ने कुल 38 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है। इस घटना के बाद राजधानी सहित कई प्रमुख इलाकों में सुरक्षा घेरा काफी सख्त कर दिया गया है।
हमलों का मुख्य निशाना और मौजूदा स्थिति
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि शुक्रवार को हुए ये हमले काफी समन्वित थे। हमलों का उद्देश्य रियाद के महत्वपूर्ण सरकारी और डिप्लोमैटिक ठिकानों को नुकसान पहुँचाना था।
- रियाद के हाई-सुरक्षा वाले दूतावास जिले की ओर आ रहे ड्रोन को निशाने पर पहुँचने से पहले ही नष्ट कर दिया गया।
- सऊदी एयर डिफेंस ने Shaybah तेल क्षेत्र और पूर्वी प्रांत की ओर भेजे गए कई अन्य ड्रोन को भी मार गिराया।
- प्रवक्ता Maj. Gen. Turki Al-Maliki ने बताया कि सुरक्षा बल हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार हैं।
- इन हमलों की वजह से किसी भी व्यक्ति के घायल होने या किसी बड़ी संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं मिली है।
प्रवासियों और यात्रियों पर क्या होगा असर?
सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों के लिए सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है। रियाद और पूर्वी प्रांत में हवाई सुरक्षा ऑपरेशंस की वजह से उड़ानों के समय में बदलाव देखा गया है।
| क्षेत्र | सुरक्षा निर्देश और अपडेट |
|---|---|
| Riyadh & Eastern Province | फ्लाइट ऑपरेशंस में देरी हो सकती है, एयरपोर्ट जाने से पहले स्टेटस चेक करें। |
| Embassy District | सुरक्षा बढ़ा दी गई है, इस क्षेत्र में गैर-जरूरी आवाजाही से बचने की सलाह है। |
| US Mission Alert | रियाद, जेद्दा और धहरान में कर्मियों को घरों के अंदर रहने के निर्देश दिए गए हैं। |
| Public Safety | आसमान से गिरने वाले मलबे से दूर रहें और Civil Defense के निर्देशों का पालन करें। |
सऊदी अरब के साथ-साथ पड़ोसी देश कुवैत और बहरीन में भी ड्रोन हमलों की चेतावनी जारी की गई थी। अधिकारियों ने आम जनता और प्रवासियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी चैनलों के माध्यम से मिलने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें।




