Donald Trump का बड़ा दावा, अमेरिका ने ईरान की 90% मिसाइलें की तबाह, खाड़ी देशों में प्रवासियों के लिए नए नियम जारी
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान की 90 प्रतिशत मिसाइलों को नष्ट कर दिया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कहा कि ईरान की नौसेना और वायु सेना अब लगभग खत्म हो चुकी है. यह जानकारी 13 मार्च 2026 को सामने आई जब ऑपरेशन एपिक फरी के तहत अमेरिका लगातार हमले कर रहा है. अमेरिका के रक्षा सचिव Pete Hegseth ने भी इस आंकड़े की पुष्टि की है और बताया है कि ईरान के ड्रोन की संख्या भी 95 प्रतिशत तक कम हो गई है.
हमले में कितना हुआ नुकसान और क्या हैं आंकड़े
28 फरवरी से शुरू हुए इस सैन्य अभियान में अमेरिका और इस्राइल ने ईरान के 15 हजार से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी की है. रक्षा विभाग के अनुसार हर दिन करीब 1000 से ज्यादा हमले किए जा रहे हैं. इस युद्ध के कारण जान और माल दोनों का भारी नुकसान हुआ है.
- ईरान की मिसाइल क्षमता 90 प्रतिशत और ड्रोन क्षमता 95 प्रतिशत कम हो गई है.
- ईरान में 1300 से ज्यादा और लेबनान में 600 से ज्यादा लोग मारे गए हैं.
- इस युद्ध के पहले हफ्ते में ही अमेरिका के 11.3 बिलियन डॉलर खर्च हो चुके हैं.
- हमले के दौरान इराक में एक विमान दुर्घटना में 6 समेत कुल 11 अमेरिकी सैनिकों की भी जान गई है.
सऊदी और UAE में रहने वाले प्रवासियों पर असर
इस युद्ध का सीधा असर खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर पड़ रहा है. सऊदी अरब और UAE ने अपनी सुरक्षा कड़ी कर दी है और आने वाले खतरों को हवा में ही नष्ट किया जा रहा है. प्रवासियों के लिए सरकारों ने कुछ राहत भरे फैसले भी लिए हैं.
- सऊदी अरब ने 13 मार्च की सुबह अपने पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में लगभग 50 ड्रोन को हवा में नष्ट किया.
- UAE ने भी 10 बैलिस्टिक मिसाइलें और 26 ड्रोन मार गिराए और अब सेफ्टी अलर्ट हटा लिया है ताकि लोग अपना सामान्य काम कर सकें.
- UAE ने उन प्रवासियों को बड़ी राहत दी है जिनका वीजा एक्सपायर हो गया था. अब वे 31 मार्च 2026 तक बिना नए परमिट के देश लौट सकते हैं.
- दुबई सरकार ने इस मुश्किल समय में लोगों की मानसिक मदद के लिए एक फ्री हेल्पलाइन नंबर 800506 चालू किया है.
तेल की कीमतों में भारी उछाल का खतरा
मिडिल ईस्ट में चल रही इस लड़ाई का असर पूरी दुनिया के बाजार पर साफ दिख रहा है. कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई है. ईरान के प्रवक्ता Ebrahim Zolfaghari ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमले नहीं रोके, तो तेल की कीमत 200 डॉलर तक पहुंच सकती है. अमेरिका ने यह साफ कर दिया है कि बिना शर्त आत्मसमर्पण के कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा.




