Saudi Arabia Update: सऊदी अरब और इराक ने मिलाया हाथ, गल्फ देशों में फंसे नागरिकों को Jdeidet Arar बॉर्डर से निकाला जाएगा
गल्फ देशों में फंसे हुए इराकी नागरिकों को सुरक्षित उनके देश वापस भेजने के लिए सऊदी अरब और इराक के बीच एक बड़ा फैसला लिया गया है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और एयरस्पेस बंद होने के कारण कई लोग UAE, कुवैत और कतर जैसे देशों में फंस गए थे। अब इन नागरिकों को सड़क के रास्ते सऊदी अरब होते हुए Jdeidet Arar लैंड पोर्ट के जरिए इराक भेजा जाएगा। 13 मार्च 2026 को आधिकारिक तौर पर इस निकासी अभियान के लिए हाई-लेवल कोऑर्डिनेशन को अंतिम रूप दिया गया है।
बॉर्डर पर ही मिलेगा इमरजेंसी वीजा
सऊदी अरब प्रशासन ने फंसे हुए लोगों की मदद के लिए बॉर्डर क्रॉसिंग पर ही सीधे वीजा जारी करने की मंजूरी दी है। जो नागरिक UAE की तरफ से आ रहे हैं उन्हें Al-Batha बॉर्डर पर और जो इराक जा रहे हैं उन्हें Jdeidet Arar बॉर्डर पर वीजा मिलेगा। यह वीजा सिर्फ इवैक्यूएशन यानी लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए दिया जा रहा है। अधिकारियों ने साफ किया है कि इस वीजा का इस्तेमाल उमरा करने या टूरिज्म के लिए नहीं किया जा सकता है। लोगों को सऊदी के गृह मंत्रालय के नियमों का पालन करते हुए सीधे बॉर्डर पॉइंट पर जाने की सलाह दी गई है।
प्राइवेट फ्लाइट का खर्च लाखों में, सड़क का रास्ता बना सहारा
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद की वजह से इस इलाके का एयरस्पेस काफी हद तक बंद है। रियाद से इंटरनेशनल डेस्टिनेशन तक प्राइवेट एयर इवैक्यूएशन का खर्च 1 लाख 70 हजार डॉलर से लेकर 3 लाख 50 हजार डॉलर तक पहुंच गया है। आम मिडिल क्लास लोगों के लिए हवाई सफर करना लगभग नामुमकिन हो गया है। ऐसे में हजारों लोगों के लिए Jdeidet Arar बॉर्डर से सड़क का यह रास्ता सबसे सुरक्षित और सही विकल्प बनकर सामने आया है। इराक के विदेश मंत्रालय ने भी बताया है कि उन्होंने अपने नागरिकों को बचाने के लिए सीधे सऊदी सरकार से संपर्क किया था।




