Kuwait Border Rules: कुवैत के प्रधानमंत्री ने किया बॉर्डर का दौरा, प्रवासियों को Sahel App से लेना होगा एग्जिट परमिट
14 मार्च 2026 को कुवैत के प्रधानमंत्री शेख अहमद अब्दुल्ला अल-अहमद अल-सबा ने नुवैसीब (Nuwaiseeb) बॉर्डर क्रॉसिंग का आधिकारिक दौरा किया। यह दौरा आने वाले ईद अल-फितर की छुट्टियों के दौरान बढ़ने वाली भीड़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए था। इस दौरान प्रधानमंत्री ने एंट्री और एग्जिट प्रक्रियाओं के साथ-साथ गृह मंत्रालय (MOI) और सीमा शुल्क विभाग के बीच समन्वय की समीक्षा की।
ईद की छुट्टियों के लिए बॉर्डर पर कैसी है तैयारी
19 मार्च से शुरू हो रही ईद अल-फितर की छुट्टियों में कुवैत से सऊदी अरब जाने वाले लोगों की भारी भीड़ होती है। नुवैसीब बॉर्डर सड़क मार्ग से यात्रा के लिए सबसे मुख्य रास्ता है। इसलिए अधिकारियों को ट्रैफिक को सुचारू रखने के लिए खास निर्देश दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ को संभालने के प्लान को मंजूरी दी है। इससे पहले 11 मार्च को भी गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बॉर्डर का निरीक्षण किया था ताकि क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सभी यात्रियों के लिए कानून का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
प्रवासियों के लिए एग्जिट और बायोमेट्रिक नियम
कुवैत में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यात्रा से जुड़े कुछ नियम जानना बहुत जरूरी है। अगर आप ईद की छुट्टियों में सफर कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- Biometric Registration: अब एयरपोर्ट या किसी भी लैंड बॉर्डर पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंटिंग नहीं होगी। यात्रा से पहले आपको पर्सनल आइडेंटिफिकेशन सेंटर जाकर यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
- Exit Permit: आर्टिकल 17 (सरकारी नौकरी) और आर्टिकल 18 (प्राइवेट सेक्टर) वीज़ा वाले प्रवासियों को कुवैत छोड़ने से पहले Sahel app के जरिए ऑटोमेटेड एग्जिट परमिट लेना अनिवार्य है। इसके बिना आपको सफर में परेशानी हो सकती है।
वीज़ा एक्सटेंशन और सुरक्षा प्रोटोकॉल
गृह मंत्रालय ने 28 फरवरी 2026 से वीज़ा नियमों में भी कुछ सहूलियत दी है। इसके तहत सभी प्रकार के विज़िटर वीज़ा के लिए सिस्टम में अपने आप एक महीने का एक्सटेंशन लागू कर दिया गया है। इसके अलावा जो रेजिडेंट्स अभी विदेश में हैं, उनके लिए तीन महीने के एब्सेंस परमिट की व्यवस्था की गई है।
अधिकारियों ने यह भी साफ कर दिया है कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। किसी भी तरह के नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई होगी और सभी यात्रियों पर समान रूप से कानून लागू होगा।




