UAE सरकार का फैसला: भ्रामक जानकारी फैलाने वाले 25 लोग गिरफ्तार, लगेगा 1 लाख दिरहम का जुर्माना
यूएई में भ्रामक जानकारी और फेक न्यूज फैलाने वालों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने 25 लोगों की गिरफ्तारी का सीधा आदेश जारी किया है। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसी गलत और भ्रामक जानकारी शेयर की जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचता है। प्रशासन ने इन सभी मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए तेजी से मुकदमा चलाने का फैसला किया है ताकि जल्द से जल्द सजा तय हो सके।
आरोपियों ने इंटरनेट पर क्या किया?
पब्लिक प्रोसिक्यूशन की जांच और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी में पता चला है कि पकड़े गए आरोपी तीन अलग-अलग गुटों में काम कर रहे थे। इंटरनेट पर आम लोगों में दहशत फैलाने के लिए इन लोगों ने कई तरीके अपनाए।
- असली वीडियो में छेड़छाड़: कुछ लोगों ने मिसाइल गुजरने के असली वीडियो में डरावने साउंड इफेक्ट और भ्रामक बातें जोड़ दी। इसका मकसद लोगों के बीच डर और घबराहट पैदा करना था।
- AI से बनाए गए फेक वीडियो: दूसरे गुट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके धमाकों और बड़े नुकसान के नकली वीडियो बनाए और दावा किया कि यह सब यूएई के अंदर हुआ है।
- दुश्मनों का महिमामंडन: तीसरे गुट ने ऐसे पोस्ट पब्लिश किए जिनमें यूएई पर हमले करने वाले देशों की तारीफ की गई थी।
सजा का प्रावधान और आम लोगों के लिए चेतावनी
यूएई सरकार ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाना और भ्रामक जानकारी शेयर करना गंभीर अपराध है। इसके लिए देश में कड़े कानून मौजूद हैं जिनका पालन करना सभी नागरिकों और प्रवासियों के लिए अनिवार्य है।
- जेल और जुर्माना: साइबर क्राइम कानून के तहत ऐसे मामलों में कम से कम 1 साल की जेल और 100,000 दिरहम (करीब 22 लाख रुपये) का भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
- आधिकारिक जानकारी पर भरोसा: सरकार ने सभी से कहा है कि केवल न्यूज़ एजेंसी WAM, रक्षा मंत्रालय या गृह मंत्रालय जैसी आधिकारिक जगहों से आने वाली जानकारी पर ही भरोसा करें।
- वीडियो बनाने पर रोक: किसी भी घटना वाली जगह या नुकसान का वीडियो बनाकर शेयर करने की सख्त मनाही है।
इससे पहले 14 मार्च को भी इसी तरह के मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। खाड़ी देशों में रहने वाले और यूएई में काम करने वाले भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानी से करें। व्हाट्सएप या फेसबुक पर बिना सोचे-समझे कोई भी संवेदनशील वीडियो या मैसेज बिल्कुल शेयर ना करें।




