Kuwait Drone Attack: कुवैत के एयर बेस पर 7 ड्रोन से हमला, 3 जवानों को लगी चोट, क्राउन प्रिंस ने किया सैन्य ठिकाने का दौरा
कुवैत के अहमद अल-जबर एयर बेस (Ahmad Al-Jaber Air Base) पर ड्रोन हमले की घटना सामने आई है। पिछले 24 घंटों में कुवैत की सशस्त्र बलों ने 7 दुश्मन ड्रोन को ट्रैक किया और कई को मार गिराने में सफलता पाई। इस घटना के बाद कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबा खालिद अल-हमद अल-सबा ने शनिवार, 14 मार्च 2026 को सैन्य ठिकानों का दौरा किया। उन्होंने देश की संप्रभुता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सेना के जवानों की सतर्कता और उनकी बहादुरी की जमकर तारीफ की।
हमले में कितना हुआ नुकसान और सेना ने क्या एक्शन लिया
कुवैत रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अल-अतवान के मुताबिक एयर बेस को निशाना बनाकर ड्रोन भेजे गए थे। सेना के रडार ने कुल 7 ड्रोन को ट्रैक किया। सेना और कुवैत नेशनल गार्ड (KNG) ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए 3 ड्रोन को बीच में ही मार गिराया। इसके अलावा 2 ड्रोन खतरे वाले इलाके से बाहर सुनसान जगह पर गिरे। वहीं 2 ड्रोन अहमद अल-जबर एयर बेस के बाहरी हिस्से से टकरा गए।
इस हमले के कारण आस-पास के इलाके में कुछ संपत्ति का नुकसान हुआ है। एयर बेस पर तैनात सेना के 3 जवानों को मामूली चोटें आई हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि घायल जवानों की हालत पूरी तरह स्थिर है और उन्हें जरूरी मेडिकल सुविधा दी जा रही है।
क्राउन प्रिंस के निर्देश और आम लोगों के लिए एडवाइजरी
सैन्य ठिकानों के दौरे पर क्राउन प्रिंस के साथ कुवैत के रक्षा मंत्री शेख अब्दुल्ला अली अब्दुल्ला अल-सलेम अल-सबा और सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल खालिद अल-शुरियान भी मौजूद थे। क्राउन प्रिंस ने बाहरी खतरों को गंभीरता से लेने और वर्तमान क्षेत्रीय हालात को देखते हुए सेना को हर परिस्थिति के लिए अलर्ट रहने को कहा। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुवैत के समर्थन में आए प्रस्ताव की भी सराहना की।
रक्षा मंत्रालय ने कुवैत में रहने वाले सभी नागरिकों और प्रवासियों को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया है। प्रवक्ता ने कहा कि आम लोगों को जो धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, वे सेना के एयर डिफेंस द्वारा ड्रोन को मार गिराने की वजह से थीं। अधिकारियों ने कुवैत में काम करने वाले सभी लोगों और प्रवासियों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति में केवल संबंधित अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का ही पालन करें। देश का एयरस्पेस सुरक्षित करने के लिए सभी सैन्य विभाग अपनी अधिकतम तैयारी की स्थिति में हैं।




