ईरान के Dena युद्धपोत पर US Navy के हमले में मारे गए 84 नौसैनिकों के शव पहुंचे तेहरान, जल्द होगा अंतिम संस्कार
ईरान के Dena युद्धपोत पर अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा किए गए हमले में जान गंवाने वाले 84 नौसैनिकों के शव 15 मार्च 2026 को तेहरान वापस पहुंच गए हैं। श्रीलंका की कोर्ट ने इन शवों को कोल्ड स्टोरेज से निकालकर ईरानी एम्बेसी को सौंपने का आदेश दिया था। प्रशासन ने बताया है कि आने वाले दिनों में सभी 84 नौसैनिकों का सार्वजनिक अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस पूरी घटना को लेकर ईरान ने सख्त ऐतराज जताया है।
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हमले में कुल कितने जवानों की गई जान?
4 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुए इस हमले में IRIS Dena युद्धपोत पर सवार कुल 104 नौसैनिकों की मौत हुई थी। इनमें से 84 जवानों के शवों की पहचान कर ली गई है और उन्हें श्रीलंका से ईरान वापस भेज दिया गया है।
- अभी भी 20 क्रू मेंबर लापता बताए जा रहे हैं।
- इस हमले में ईरानी नौसेना के 32 जवान बुरी तरह घायल हुए थे।
- श्रीलंका की एक अदालत ने 10 मार्च को शवों को ईरानी दूतावास को सौंपने का आदेश जारी किया था।
ईरान प्रशासन ने 13 मार्च को शहीद सैनिकों के ताबूतों की तस्वीरें भी जारी की थीं। अब तेहरान में इन सैनिकों के सम्मान में एक बड़े अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है जिसकी जानकारी जल्द साझा की जाएगी।
Dena युद्धपोत पर हमला किसने और कैसे किया?
IRIS Dena एक फ्रिगेट था जो भारत के MILAN 2026 नेवल अभ्यास में हिस्सा लेने बंगाल की खाड़ी गया था। यह नेवल अभ्यास 15 से 25 फरवरी के बीच हुआ था। अभ्यास से वापसी के समय ईरान की सीमा से लगभग 2,000 मील दूर श्रीलंका के पास इस युद्धपोत को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बी USS Charlotte ने इस युद्धपोत पर टॉरपीडो से हमला किया था। अमेरिकी रक्षा विभाग ने खुद इस हमले के होने की आधिकारिक पुष्टि की है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इस हमले को पूरी तरह से युद्ध अपराध करार दिया है। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई जिनेवा कन्वेंशन और संयुक्त राष्ट्र महासभा के नियमों का सीधा उल्लंघन है।




