Israel का बड़ा दावा, Iran का मिसाइल प्रोडक्शन हुआ जीरो, हमले में तबाह हुए कारखाने
इज़राइल और अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान का मिसाइल प्रोडक्शन अब पूरी तरह से ज़ीरो हो चुका है। SaudiNews50 की रिपोर्ट के अनुसार, लगातार 48 घंटे चले हवाई हमलों के बाद ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। ‘Operation Roaring Lion’ के तहत इज़राइली सेना (IDF) ने ईरान के कई शहरों में मौजूद मिसाइल कारखानों और लैब को अपना निशाना बनाया।
हमले में किन जगहों को किया गया टारगेट?
इज़राइल की सेना ने 13 और 14 मार्च को ईरान के कई अहम औद्योगिक और सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने बताया कि मिसाइल के पार्ट्स बनाने वाली लगभग सभी कंपनियों को नष्ट कर दिया गया है।
- Tehran (यहाँ का Space Research Center तबाह किया गया)
- Isfahan
- Tabriz
- Lorestan
- Shiraz
ब्रिगेडियर जनरल Effie Defrin के मुताबिक, इन हमलों के कारण ईरान की 1,500 से ज़्यादा नई मिसाइलें बनने से रुक गई हैं और आधा स्टॉक खत्म हो चुका है। ठोस ईंधन बनाने वाले कारखानों पर सबसे ज़्यादा फोकस किया गया।
मिसाइल प्रोडक्शन रुकने के बाद भी ईरान का पलटवार
प्रोडक्शन ज़ीरो होने के दावों के बीच, 15 मार्च को ईरान ने मिसाइल हमलों की अपनी 54वीं लहर शुरू कर दी है। इसे ऑपरेशन ‘True Promise 4’ नाम दिया गया है।
इस हमले में पहली बार Sejjil बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल हुआ है, जिसकी रेंज 2,500 किलोमीटर है। ईरान के पास अभी भी पुरानी मिसाइलों का बड़ा स्टॉक मौजूद है, जिसका वो लगातार इस्तेमाल कर रहा है।
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि उनका हाई-एनरिच्ड यूरेनियम अब परमाणु संयंत्रों के मलबे के नीचे दब चुका है और इसे वापस निकालने की फिलहाल कोई योजना नहीं है।
आम लोगों और दुनिया पर क्या असर पड़ा?
इन हमलों और बढ़ते तनाव का असर दुनिया भर में देखने को मिल रहा है। US State Department ने मिडिल ईस्ट में रहने वाले अपने नागरिकों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने और वहां से निकलने की सलाह दी है।
तेल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए International Energy Agency (IEA) 411.9 मिलियन बैरल इमरजेंसी तेल बाज़ार में उतारने जा रही है। इसका मुख्य कारण ईरान के खार्ग द्वीप तेल हब पर हुआ हमला है।
इसके अलावा, इज़राइल में यात्रा और सुरक्षा का खर्च बढ़ने के कारण महंगाई में तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों को इस माहौल में विशेष तौर पर सतर्क रहने और नई जानकारियों से अपडेट रहने को कहा गया है।




