US Iran War Updates: ईरान युद्ध में अमेरिका का खर्च 12 अरब डॉलर के पार, दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल 50% तक हुआ महंगा
ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध (ऑपरेशन एपिक फ्यूरी) में अमेरिका अब तक 12 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। व्हाइट हाउस की रिपोर्ट के अनुसार, 15 मार्च 2026 तक युद्ध का खर्च तेजी से बढ़ा है और इसका असर पूरी दुनिया के साथ-साथ आम आदमी की जेब पर दिख रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से वैश्विक स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 50 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस युद्ध का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां काम करने वाले भारतीयों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी पड़ना शुरू हो गया है।
युद्ध में कितना हो रहा है खर्च और क्या है अमेरिका की तैयारी?
अमेरिका हर दिन इस युद्ध में करोड़ों डॉलर लगा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, शुरुआत के दिनों में हर दिन करीब 1.88 अरब डॉलर का खर्च आ रहा था। हथियारों और सैन्य आपूर्ति को बनाए रखने के लिए व्हाइट हाउस 50 अरब डॉलर के नए बजट की मांग करने की तैयारी कर रहा है।
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने बताया है कि यह युद्ध कुछ ही हफ्तों में खत्म हो सकता है। उनका मुख्य लक्ष्य ईरान के ऊर्जा ढांचे को खत्म करना है ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति को सुरक्षित किया जा सके। तेल की कमी पूरी करने के लिए अमेरिका ने डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट लागू करते हुए अपनी कैलिफोर्निया स्थित सेबल ऑफशोर कॉर्प को रोजाना 50,000 बैरल उत्पादन शुरू करने का आदेश भी दे दिया है।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर हो रहा है?
इस तनाव का सीधा असर सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों की सुरक्षा पर पड़ रहा है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने 15 मार्च की सुबह रियाद और पूर्वी क्षेत्रों के ऊपर 31 ड्रोन मार गिराए हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा को देखते हुए 27वें अरेबियन गल्फ कप (खलीजी 27) फुटबॉल टूर्नामेंट को भी आधिकारिक तौर पर टाल दिया गया है।
समुद्री रास्तों को सुरक्षित करने के लिए अमेरिकी नौसेना मार्च के अंत से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों को एस्कॉर्ट करना शुरू करेगी। सऊदी अरब के अधिकारियों ने भी संकेत दिया है कि अगर उनके ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रहे तो वे अमेरिकी सेना को अपने सैन्य बेस का इस्तेमाल करने की इजाजत दे सकते हैं।
ईरान के खिलाफ अभी तक क्या हुए हैं बड़े एक्शन?
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के मुताबिक अमेरिकी सेना अब तक ईरान के 15,000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बना चुकी है। शुरुआती हमलों में ईरान के नेता मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबर है। इसके अलावा युद्ध में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
- अमेरिकी विदेश विभाग ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की जानकारी देने या पकड़वाने पर 1 करोड़ डॉलर (10 मिलियन) का इनाम रखा है।
- इजरायली वायुसेना ने 14 मार्च को तेहरान में खतम अल-अंबिया मुख्यालय पर सटीक हमला किया, जिसमें शीर्ष खुफिया कमांडर मेजर जनरल अब्दुल्ला जलाली के मारे जाने की रिपोर्ट है।
- अमेरिकी सेंटकॉम ने पुष्टि की है कि 6,000 से अधिक विशिष्ट स्थानों पर हमलों के बाद ईरान की सैन्य क्षमता तेजी से घट रही है।




